
कुशीनगर : राम मंदिर चंदा और कथित धन गड़बड़ी के मुद्दे पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने भाजपा और मंदिर प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था और विश्वास के साथ मंदिर निर्माण के लिए दान दिया था, इसलिए उस धन का पूरा हिसाब जनता के सामने आना चाहिए।
मीडिया से बातचीत के दौरान अजय कुमार लल्लू ने कहा कि अयोध्या में लोगों ने भगवान राम के प्रति अपनी श्रद्धा और विश्वास के आधार पर चंदा दिया था। ऐसे में यह जानना जनता का अधिकार है कि दान की राशि का उपयोग किस प्रकार किया गया और उसके प्रबंधन में पारदर्शिता क्यों नहीं दिखाई जा रही है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यदि चंदे की राशि में किसी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी हुई है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी धनराशि से जुड़े मामले में केवल छोटे कर्मचारियों या निचले स्तर के लोगों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। लल्लू ने कहा, 'इतनी बड़ी चोरी या गड़बड़ी बिना प्रभावशाली लोगों के सहयोग के संभव नहीं हो सकती। यह कोई एक दिन की घटना नहीं है। यदि आरोप सही हैं तो इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
राम मंदिर और धर्म के मुद्दे पर अजय कुमार लल्लू ने कहा कि धर्म लोगों की व्यक्तिगत आस्था और विश्वास का विषय है। उन्होंने कहा कि भगवान राम करोड़ों लोगों की श्रद्धा के केंद्र हैं और उनका सम्मान राजनीति से ऊपर है। उन्होंने कहा, 'धर्म एक आस्था है, जो हमारे दिल और मन में बसती है। हर व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करने और उसके अनुसार जीवन जीने का संवैधानिक अधिकार है। हम सभी अपने धर्म का सम्मान करना और उसका पालन करना जानते हैं।'
कांग्रेस नेता ने कहा कि राम मंदिर से जुड़ा कोई भी मामला केवल राजनीतिक नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा विषय है। इसलिए मंदिर में प्राप्त दान, उसके उपयोग और वित्तीय प्रबंधन को लेकर पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि जनता का विश्वास बना रहे और आस्था से जुड़े संस्थानों की विश्वसनीयता पर कोई सवाल न उठे।