Pakistani Fan In Kushinagar: कुशीनगर जिले के विशुनपुरा थाना क्षेत्र स्थित जंगल बिशुनपुरा के मदरसा कादरिया हकीकतुल उमूल में पाकिस्तान मार्का लिखा पंखा मिलना क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। पंखे की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद एजेंसियां भी एक्टिव हो गई। फौरन विशुनपुर थाना प्रभारी ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला।
कुशीनगर में कुछ दिन पहले ही एक संदिग्ध आतंकी के पकड़े जाने का मामला सामने आया था और अब एक बार फिर 'पाकिस्तानी कनेक्शन' के इनपुट ने पुलिस की नींद उड़ा दी है। इस बार मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक तस्वीर से शुरू हुआ, जिसमें एक मदरसे के पंखे पर 'मेड इन पाकिस्तान' लिखा नजर आया। वीडियो सामने आते ही पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। टीम ने मदरसा प्रबंधक समेत दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस की जांच में सामने आया कि विशुनपुरा थाना क्षेत्र के मदरसा कादरिया हकीकतुल उलूम को जिस युवक ने पंखा दान में दिया था, उसका बेटा सउदी अरब में कामगार है। उसी ने सउदी अरब से यह पंखा खरीदकर कार्गो शिप से भेजा था। पुलिस ने पंखे की खरीद-फरोख्त के दस्तावेज जांचने और पूछताछ के बाद दोनों लोगों को छोड़ दिया। पंखा जब्त लिया।
जानकारी के मुताबिक विशुनपुरा थाना क्षेत्र के जंगल विशुनपुरा गांव स्थित गोसाई पट्टी में मदरसा कादरिया हकीकतुल उलूम संचालित है। पुलिस के अनुसार, मदरसे में लगे तीन पंखे खराब हो गए थे, जिन्हें मरम्मत के लिए गांव के एक मिस्त्री के पास भेजा गया था। पंखे की मरम्मत करने वाले मिस्त्री अकबर ने बताया कि मदरसे से तीन पंखे मरम्मत के लिए आए थे। उसी दौरान एक युवक आया जिसने एक पंखे पर लिखे "मेड इन पाकिस्तान" को देखा और उसकी फोटो खींच कर वायरल कर दिया। यह फ़ोटो देखते ही विशुनपुरा थाने को फोन करके शिकायत की।
विशुनपुरा थाना प्रभारी विनय मिश्रा ने बताया कि सूचना मिलते ही हमारी टीम पहले मदरसा पहुंची। हालांकि, पता चला कि पंखा एक बिजली दुकान पर मरम्मत के लिए भेजा गया है। पंखा जब्त करने के बाद मदरसा प्रबंधक मोहम्मद यूनुस और इस पंखे को दान करने वाले गांव निवासी शमशुद्दीन को हिरासत में ले लिया गया। शमशुद्दीन ने बताया- का बेटा वाजिद अंसारी सऊदी अरब से कार्गो के जरिए अपने घर भेजा था। बाद में वर्ष 2023 में उसने यह पंखा मदरसे को दान कर दिया था। पुलिस ने वाजिद से वीडियो कॉल पर बात की और पंखे की रशीद आदि भी मंगवाई, फिलहाल कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली। जिसके बाद पुलिस ने दोनों को छोड़ दिया।