कुशीनगर में बुधवार को दिन में नायब तहसीलदार ने एक मुंशी को मारने के लिए जूता निकाल लिया। उसे गालियां देते हुए जातिसूचक शब्द कहे। ये खबर जैसे ही वकीलों को पता चली वे भारी संख्या में इकट्ठा होकर तहसीलदार के ऑफिस को घेर लिये और धरने पर बैठ गये। मुंशी के साथ नायब तहसीलदार […]
कुशीनगर में बुधवार को दिन में नायब तहसीलदार ने एक मुंशी को मारने के लिए जूता निकाल लिया। उसे गालियां देते हुए जातिसूचक शब्द कहे। ये खबर जैसे ही वकीलों को पता चली वे भारी संख्या में इकट्ठा होकर तहसीलदार के ऑफिस को घेर लिये और धरने पर बैठ गये। मुंशी के साथ नायब तहसीलदार द्वारा की गई सारी करतूत सीसीटीवी में कैद हो गई है। वकीलों ने प्रदर्शन करते हुए तहसीलदार को सस्पेंड करने की मांग करने लगे।
तमकुहीराज तहसील परिसर में बुधवार को नायब तहसीलदार कुंदन वर्मा ने मुंशी से गाली गलौज कर दी। वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक पाण्डेय ने इसे पूरे ब्राह्मण समाज का अपमान बताया। उन्होंने नायब तहसीलदार पर जातिसूचक टिप्पणी करने का आरोप लगाया। अधिवक्ताओं का दावा है कि सीसीटीवी में नायब तहसीलदार द्वारा जूता निकालने की घटना भी दिखाई दे रही है।
फुटेज सामने आने के बाद बार और बेंच के बीच झगड़ा और भी बढ़ गया।घटना की जानकारी मिलते ही बार संघ अध्यक्ष अशोक कुमार राय और महामंत्री अमरनाथ सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता न्यायालय परिसर में एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने नायब तहसीलदार को उनके न्यायालय कक्ष के बाहर रोक लिया।वहीं तत्काल निलंबन की मांग की।
विरोध के चलते कुछ समय के लिए न्यायिक कार्य भी प्रभावित रहा। तहसील परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। सूचना मिलने पर एसडीएम आकांक्षा मिश्रा मौके पर पहुंचीं। उन्होंने दोनों पक्षों को अपने चेंबर में बुलाकर बात की। एसडीएम आकांक्षा मिश्रा ने कहा कि यह बार और बेंच के बीच की आपसी बात थी। जिसे बातचीत के जरिए सुलझा लिया गया है। उनके अनुसार, फिलहाल दोनों पक्षों में कोई विवाद नहीं है।