उत्तर प्रदेश पुलिस को एक बार फिर से अपने ही सिपाहियों के वजह से शर्मिंदगी का शिकार होना पड़ा है। इसबार लखीमपुर पुलिस के दो जवानों ने एक प्रेमी प्रेमिका का अश्लील वीडियो बनाने का मामला सामने आया।
पुलिस की वर्दी एक बार फिर दागदार हो गई क्योंकि जिन पर ज़िम्मेदारी दी थी, लोगों की रक्षा करने की लाज बचाने की अब वो ही बदनाम करके वसूली करने का गैंग चला रहे थे। लखीमपुर खीरी जिले में 2 सिपाहियों को ब्लैक मेलिंग और रंगदारी वसूलने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। दोनों सिपाही अक्सर प्रेमी और प्रेमिकाओं को ही निशाना बनाते थे, जिसमें वो पहले चुपके से दोनों का वीडियो बनवा लेते थे, फिर उसे दिखाकर वसूली करते थे।
लखीमपुर के सिंगाही थाना इलाके में अवनीश और नीरज नाम के सिपाही तैनात हैं। लखीमपुर खीरी से शर्मनाक घटना सामने आई है। 2 सिपाहियों को प्रेमी जोड़ों की अश्लील वीडियो और वसूली के मामले में गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपी सिपाही प्रेमी जोड़ों की चुपके से पहले अश्लील वीडियो बना लेते और फिर ब्लैकमेल कर उनसे रंगदारी में मोटी रकम वसूलते थे।
यह भी पढे: LLB मुख्य परीक्षा 19 सितम्बर से शुरू, राम मनोहर लोहिया विश्व विद्यालय ने जारी किया रोस्टर
लखीमपुर जिले का ये जंगली है, यहां अक्सर प्रेमी जोड़े मिलने के लिए चोरी छिपे आया करते हैं, जोड़ों से पैसा कमाने की तरकीब की वजह से ही पुलिस के इन सिपाहियों अवनीश और नीरज ने गैंग बनाया। आसपास के और भी कई लोकल लोगों को शामिल कर लिया। जिससे उनके माध्यम से ये अश्लील वीडियो बनवाकर फिर उनसे वसूली की शुरुआत होती थी।
कैसे पकड़े गए थे दोनों सिपाही
आरोपी सिपाही अवनीश और नीरज ने अप्रैल में एक प्रेमी प्रेमिका से वीडियो बनाकर वसूली की थी, साथ ही मोबाइल भी छीन लिया था। लड़के ने बाकी बातें तो छुपा ली थी लेकिन मोबाइल लूट की एफ़आईआर उसी सिंगाही थाने में दर्ज कराई थी। शिकायती पत्र पर पुलिस ने जब जांच शुरू हुई तो, वसूली गैंग के एक सदस्य के घर से मोबाइल मिला।
पुलिस ने जांच में पूरी तह तक खोज की तो पुलिस के सिपाही अवनीश और नीरज के द्वारा इस गैंग में शामिल होना पाया गया। जिले के बड़े अधिकारियों के सामने मामला आया तो तो गैंग का पर्दाफाश हो गया।
जांच अधिकारी अब्बास ने किया खुलासा
जांच अधिकारी मोहम्मद अब्बास ने बताया कि, इन दोनों सिपाहियों फिलहाल लखीमपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दोनों पर एक्सटॉर्शन और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों का भी पता चला है।