
BJP MLA Romi Sahni News:उत्तर प्रदेश के पलिया विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रोमी साहनी के खिलाफ दलित पैंथर संगठन ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन के संयोजक एवं अध्यक्ष मनोज कुमार भारती का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे विधायक के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद क्षेत्र में सियासी गर्माहट बढ़ गई है। हालांकि, पत्रिका इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। अमर्यादित भाषा होने की वजह से वीडियाे को खबर में एंबेड नहीं किया गया है।
वायरल वीडियो में दलित पैंथर के नेता मनोज भारती ने भाजपा विधायक रोमी साहनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मनोज भारती का कहना है कि विधायक के दबाव में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से एकतरफा कार्रवाई कर रहा है और केवल एक विशेष पक्ष को फायदा पहुंचाया जा रहा है। दलित नेता ने आरोप लगाया है कि इस मामले में साजिश के तहत दलित समाज के लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेजा जा रहा है। इसी के विरोध में संगठन ने 15 जून को पलिया विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी विधायक के खिलाफ बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है।
आपको बता दें कि यह पूरा बवाल 14 अप्रैल को मैलानी थाना क्षेत्र के मोतीपुर बाबूपुर गांव में शुरू हुआ था। वहां अंबेडकर प्रतिमा लगाने को लेकर भारी तनाव पैदा हो गया था। ग्रामीणों ने पुलिस पर प्रतिमा तोड़ने का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया था जो बाद में बेहद उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने जमकर पथराव किया और तीन वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। इस भीषण उपद्रव में लगभग एक दर्जन पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।
14 अप्रैल की उस हिंसक घटना के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और उपद्रव करने के आरोप में करीब 200 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस की टीमें इस मामले में अब तक 38 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी हैं और बाकी लोगों की तलाश के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। दलित पैंथर संगठन पुलिस की इसी कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है। फिलहाल इस वायरल वीडियो पर पुलिस या प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विधायक रोमी साहनी ने मनोज भारती के आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। उनका कहना है कि मनोज भारती पर कई दलितों से ठगी और पैसे वसूलने के आरोप हैं। इस संबंध में कुछ पीड़ित उनके आवास पर शिकायत लेकर पहुंचे थे। विधायक ने उन्हें मामले की जांच कराने का भरोसा दिया था।