
लखीमपुर-खीरी. गोला कोतवाली में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक महिला आरक्षी (Lady Constable) के कमरे में दो युवक और दो नाबालिग छात्राएं रंगरलियां मनाते पकड़े गए। घटना बुधवार की है। पुलिस ने छात्राओं को छोड़ दिया, लेकिन युवकों को हिरासत में बिठाए रखा। आरोप है कि पुलिस पूरे दिन मामले को छिपाने, बदलने और दबाने की कवायद में लगी रही। देर शाम पुलिस ने दोनों लड़कों को छेड़छाड़ और पाक्सो एक्ट में जेल भेज दिया। मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
गोला कोतवाल मधुकर मिश्रा ने बताया कि महिला आरक्षी का तबादला 11 अगस्त को भीरा थाने में हो गया था। वहां से ही वे प्रसूति अवकाश पर हैं। पुलिस पकड़े गए युवक मुस्तकीन व अनवार निवासी ऊचींभूड़ गोला व आदिल खान निवासी गोला के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज चुकी है। गोला कोतवाल ने बताया कि उच्चाधिकारियों को महिला आरक्षी से से सम्बन्धित सभी जानकारियां दे दी गई हैं। महिला आरक्षी पर कार्यवाही के सवाल पर उन्होंने गेंद उच्चाधिकारियों के पाले में डाल दी।
रंगरेलियां मनाते पकड़े गए युवक
जानकारी के मुताबिक, गोला कोतवाली में तैनात रहीं महिला आरक्षी को गोला कोतवाली में आवास दिया गया था, जहां वो रहती थीं। सूचना के बाद पुलिस महिला आरक्षी के क्वार्टर पर पहुंची। जहां दो प्रेमी युगल रंगरेलियां मनाते पकड़े गए। कोतवाली में घटे इस घटनाक्रम के बाद पूरा महकमा सकते में आ गया। हालांकि, पहले जो पुलिस घटनाक्रम से इनकार कर रही थी, वह पुलिस अब घटना को मानकर मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की बात कह रही है।
इस तरफ भी उठ रहे सवाल
गोला कोतवाली के जिस क्वार्टर से दोनों प्रेमी युगल पकड़े गए हैं, वह महिला आरक्षी को एलॉट था। भीरा थाने में स्थानांतरण के बाद से इन दिनों महिला आरक्षी मैटरनिटी लीव पर अस्पताल में भर्ती हैं। क्वार्टर की चाभी पति के पास थी। बताते चलें कि पिंकी दीक्षित ने गोला कोतवाली में काम करते हुए शान अंसारी से लव मैरिज की थी। शान अंसारी के द्वारा इन युवकों को चाभी देने की बात कही जा रही है। मामले में दूसरे धर्म का नाम जुड़ने से मामला पुलिस के लिए एक सिरदर्द बन गया है। हालांकि, पूरे मामले में पुलिस निष्पक्ष कार्यवाही करने की बात कह रही है। इस पूरे मामले में एक बड़ा सवाल यह है कि ये छात्राएं यहां लाई कैस गईं? और पुलिस की नाक के नीचे आखिर यह सब कबसे चल रहा है?