लखीमपुर खेरी

लखीमपुर खीरी हिंसा की जांच करेंगे सेवानिवृत्त हाई कोर्ट जज, यूपी सरकार ने पीड़ितों के परिवारों को 45 लाख रुपये का मुआवजा देने की कही बात

लखीमपुर खीरी केस: लखीमपुर खीरी में रविवार को हुई हिंसा में मारे गए किसानों के लिए यूपी सरकार ने मुआवजे, सरकारी नौकरी और न्यायिक जांच कराने की घोषणा की है| जबकि घायलों को 10 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जीएगी। किसानों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज होगी और हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जज इस हिंसा मामले की जांच करेंगे।
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Updated: 5 Oct 2021, 6:19 PM IST
लखीमपुर खीरी हिंसा की जांच करेंगे सेवानिवृत्त हाई कोर्ट जज, यूपी सरकार ने पीड़ितों के परिवारों को 45 लाख रुपये का मुआवजा देने की कही बात
लखीमपुर खीरी हिंसा की जांच करेंगे सेवानिवृत्त हाई कोर्ट जज, यूपी सरकार ने पीड़ितों के परिवारों को 45 लाख रुपये का मुआवजा देने की कही बात

लखीमपुर.लखीमपुर खीरी हिंसा: लखीमपुर खीरी(lakhimpur khiri violence) में हुई घटना के बाद प्रशाशन और किसानों के बीच शांतिपूर्ण तरीके से समझौता हो गया है| जिसमे मृतक किसानों के परिजनों को 45-45 लाख रुपये और घायलों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा(compensation) सरकार की ओर से दिया जाएगा| जबकि घायलों को 10 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जीएगी। और साथ ही मृतक किसानों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी मिलेगी| हाई कोर्ट (High Court) के रिटायर्ड जज की निगरानी में पूरे मामले की न्यायिक जांच (Judicial Enquiry) होना सुनिश्चित हुआ है| जिले में धारा 144 लागू होने की वजह से राजनीतिक दलों के नेताओं को लखीमपुर खीरी जाने की इजाजत नहीं दी गई है।

यूपी के एडीजी (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार (ADG L/O Prashant Kumar) ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि लखीमपुर खीरी में हुई घटना में किसानों की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी(FIR) दर्ज की गई है| अब हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज(retired judge) इस पूरे मामले की जांच करेंगे|

घटना के बाद सीआरपीसी की धारा 144(section 144) लागू होने के कारण राजनीतिक दलों के नेताओं को लखीमपुर खीरी जिले का दौरा नहीं करने दिया गया| लेकिन किसान संघ के सदस्यों के लिए यह लागू नहीं था|

3 अक्टूबर की शाम लखीमपुर में हुई हिंसा में 8 लोग मारे गए थे| जिसमे 4 किसान, 3 भाजपा कार्यकर्ता, उनका 1 ड्राइवर, और एक पत्रकार शामिल हैं| इस तरह कुल 9 लोगों की मृत्यु हुई है| जिसके बाद यूपी का माहौल में थोड़ी गर्मी दिखी| विपक्षी पार्टियों के नेता लखीमपुर खीरी जाने पर अड़े थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जिले में प्रवेश नहीं दिया| सपा, बसपा, कांग्रेस के कई नेताओं को हाउस अरेस्ट में रखा गया| जिले में इंटरनेट सर्विस सस्पेंड रखा गया, चप्पे-चप्पे पर पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती रही|

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