
लखीमपुर-खीरी : मुझे शर्म आती है, मेरे जिले में एक भी हार्ट का डॉक्टर नहीं है। जनप्रतिनिधि इस बात को कई बार बता चुके हैं…लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। हालात यह हैं कि एक MLA अस्पताल गया और डॉक्टर बाहर तक नहीं आया।
यह कहना है लखीमपुर खीरी के भाजपा विधायक विनोद शंकर अवस्थी का। विधायक विनोद शंकर अवस्थी गर्भवती की मौत पर परिजनों को समझाने के लिए गए हुए थे। लेकिन, मौत का कारण सुनते ही वह भड़क गए। पूरा मामला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ईसानगर का है।
लखीमपुर जिले के ईसानगर क्षेत्र के ग्राम शिवपुर निवासी रामकिशुन की पत्नी रामावती 9 महीने की गर्भवती थी। रामावती को मंगलवार दोपहर को प्रसव पीड़ा हुई। घरवाले उन्हें लेकर पीएचसी ईसानगर पहुंचे, लेकिन अस्पताल में कोई डॉक्टर इलाज करने को तैयार नहीं हुआ।
एंबुलेंस में रामावती एक घंटे तक लेटी रहीं लेकिन, किसी डॉक्टर ने उनके इलाज की जहमत नहीं उठाई। वो दर्द के मारे तड़पती रहीं और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर एए खान और एएनएम ने न तो जांच की न तो एम्बुलेंस से उतारा। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी किसी ने नहीं सुना। इसी दौरान एम्बुलेंस में ही उसकी डिलीवरी हो गई। इसके बाद स्टाफ ने जच्चा-बच्चा को अस्पताल के अंदर ले जाकर इलाज शुरू किया, लेकिन तब तक काफी खून बह चुका था। अधिक रक्तस्राव के कारण रामावती की मौत हो गई।
महिला की मौत की खबर फैलते ही आक्रोशित परिजनों ने स्वास्थ्य केंद्र पर जमकर हंगामा किया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और एएनएम की लापरवाही को मौत का जिम्मेदार ठहराया। सूचना मिलते ही धौरहरा से भाजपा विधायक विनोद शंकर अवस्थी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को शांत कराते हुए पूरी घटना की जानकारी ली।
जब विधायक को पता चला कि एक घंटे तक प्रसूता को कोई अटेंड नहीं किया गया, तो वे भड़क उठे। उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर और एएनएम को फटकार लगाई और इसे गंभीर लापरवाही करार दिया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कुमार सिंह से विधायक ने कहा कि इस लापरवाही के लिए मौजूद स्टाफ को तत्काल सस्पेंड किया जाए।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कुमार सिंह ने बताया, मृतका का यह छठा प्रसव था। महिला करीब ढाई बजे पीएचसी ईसानगर पहुंची थी। उस समय एएनएम लंच पर गई हुई थी और कुछ देर बाद वापस आई। तब तक प्रसूता को अत्यधिक रक्तस्राव हो चुका था। महिला को रेफर किया गया था, लेकिन एम्बुलेंस से भेजा नहीं जा सका। इसी दौरान उसकी मौत हो गई।