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सीएम योगी का बड़ा फैसला, धांधली और अवैध धन वसूली की शिकायतों के बीच असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा निरस्त

Assistant Professor Exam Cancelled : सीएम योगी ने अप्रैल माह में हुई असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा को रद्द कर दिया। परीक्षा में धांधली और अवैध धन वसूली को लेकर आरोप लगे थे।

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सीएम योगी का बड़ा फैसला, असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा की निरस्त, PC- Patrika

लखनऊ(Assistant Professor Exam Cancelled) :सीएम योगी ने अप्रैल माह में हुई असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा को रद्द कर दिया। परीक्षा में धांधली और अवैध धन वसूली को लेकर आरोप लगे थे। अभ्यर्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने यह फैसला लिया है।

अप्रैल में हुई थी परीक्षा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा विज्ञापन संख्या 51 के अंतर्गत सहायक आचार्य पद के लिए अप्रैल 2025 में आयोजित परीक्षा में अनियमितताओं, धांधली और अवैध धन वसूली की शिकायतें सामने आई थीं। इन शिकायतों के आधार पर एसटीएफ यूपी को सूचनाएं प्राप्त हुईं, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री द्वारा गोपनीय जांच के आदेश दिए गए।

तीन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार

जांच के दौरान एसटीएफ ने 20 अप्रैल 2025 को असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा के फर्जी प्रश्नपत्र बनाकर अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों- महबूब अली, बैजनाथ पाल और विनय पाल को गिरफ्तार किया। आरोपियों के खिलाफ थाना विभूतिखंड, लखनऊ में भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

पूछताछ में मुख्य आरोपी महबूब अली ने स्वीकार किया कि उसने मॉडरेशन प्रक्रिया के दौरान विभिन्न विषयों के प्रश्नपत्र निकालकर कई अभ्यर्थियों को धन लेकर उपलब्ध कराए थे। एसटीएफ की गहन विवेचना और डेटा विश्लेषण से उसकी स्वीकारोक्ति की पुष्टि हुई। जांच के दौरान अन्य संदिग्ध अभ्यर्थियों और व्यक्तियों के नाम भी सामने आए। आयोग से प्राप्त डाटा के मिलान में यह स्पष्ट हुआ कि परीक्षा की शुचिता भंग हुई है।

सीएम ने लिया संज्ञान

इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा को निरस्त करने के आदेश दिए हैं। साथ ही उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को निर्देशित किया गया है कि परीक्षा का आयोजन शीघ्र, पूर्णतः निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से दोबारा सुनिश्चित किया जाए, ताकि अभ्यर्थियों का भविष्य सुरक्षित रह सके।