Kheri News : खीरी जिले के नीमगांव थाना क्षेत्र के बिलहरी गांव में घर के बाहर खेल रही दो वर्षीय मासूम बच्ची ट्रैक्टर की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
Accident Today: नीमगांव थाना क्षेत्र के बिलहरी गांव में रविवार दोपहर एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। घर के बाहर खेल रही दो वर्षीय मासूम बच्ची ट्रैक्टर की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक ट्रैक्टर छोड़कर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल फैल गया।
जानकारी के अनुसार बिलहरी गांव निवासी दीनदयाल की करीब दो वर्षीय पुत्री अवनी रविवार लगभग तीन बजे अपने घर के दरवाजे के बाहर खेल रही थी। परिवार के सदस्य घर के भीतर दैनिक कार्यों में व्यस्त थे।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक खेलते-खेलते बच्ची अचानक घर के सामने से गुजर रही सड़क पर पहुंच गई। उसी समय गांव की ओर से आ रहा एक ट्रैक्टर तेज रफ्तार में वहां पहुंचा और चालक बच्ची को देख नहीं सका। देखते ही देखते ट्रैक्टर का पहिया मासूम के ऊपर से गुजर गया। हादसा इतना भयावह था कि बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना होते ही आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बच्ची को घायल अवस्था में उठाया गया, परंतु उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव की महिलाएं और परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए और पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। ग्रामीणों का कहना है कि हादसा कुछ ही सेकंड में हुआ और किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
हादसे के तुरंत बाद ट्रैक्टर चालक वाहन वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने चालक को पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन वह भागने में सफल रहा। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सिकंदराबाद चौकी प्रभारी बृजेश कुमार पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रैक्टर को अपने कब्जे में ले लिया और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया। कुछ ही देर बाद नीमगांव थाना अध्यक्ष प्रवीण कुमार गौतम भी घटनास्थल पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर उन्हें सांत्वना दी। थाना अध्यक्ष ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रैक्टर चालक गांव का ही निवासी है। उसकी पहचान कर ली गई है और गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
हादसे के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए। लोगों ने गांव की सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों के संचालन को लेकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की संकरी गलियों में ट्रैक्टर और भारी वाहन अक्सर तेज गति से चलते हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा खतरे में रहती है। कई ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव के अंदर वाहनों की गति नियंत्रित करने और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की।
मासूम अवनी परिवार की इकलौती संतान बताई जा रही है। उसकी अचानक मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजन बार-बार यही कह रहे थे कि कुछ ही देर पहले बच्ची हंसते-खेलते घर के बाहर खेल रही थी और देखते ही देखते जिंदगी छिन गई। गांव के लोगों ने बताया कि बच्ची बेहद चंचल और सभी की लाडली थी। उसकी मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है।
पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फरार चालक की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार चालक के पकड़े जाने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वाहन के दस्तावेज और मालिक की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में सड़क सुरक्षा की गंभीर स्थिति को उजागर करती है। गांवों में बच्चों के खेलने के लिए सुरक्षित स्थानों की कमी और भारी वाहनों की आवाजाही अक्सर हादसों का कारण बनती है। विशेषज्ञों का मानना है कि गांवों में स्पीड लिमिट लागू की जाए। आवासीय क्षेत्रों में भारी वाहनों पर नियंत्रण हो। जागरूकता अभियान चलाए जाएं। स्कूलों और पंचायत स्तर पर सड़क सुरक्षा प्रशिक्षण दिया जाए
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के मुख्य मार्गों पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं और भारी वाहनों की आवाजाही के लिए समय निर्धारित किया जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा हो सकते हैं।
मासूम अवनी की दर्दनाक मौत के बाद बिलहरी गांव पूरी तरह शोक में डूब गया है। घर-घर में इस हादसे की चर्चा हो रही है और हर कोई परिवार के दुख में सहभागी बन रहा है। रविवार की खुशहाल दोपहर कुछ ही क्षणों में मातम में बदल गई। मासूम की असमय मौत ने सभी को झकझोर दिया और गांव में लंबे समय तक इस दर्दनाक घटना की याद बनी रहेगी। पुलिस अब फरार चालक की गिरफ्तारी और मामले की पूरी जांच में जुटी हुई है, जबकि परिवार और गांव के लोग इस असहनीय दुख से उबरने की कोशिश कर रहे हैं।