
ललितुपर. जैन धर्म के सबसे बड़े आचार्य विद्यासागर जी महाराज का 32 साल बाद ललितपुर आगमन हुआ। इनके स्वागत की तैयारियां पूरे शहर में तो हो ही रही, साथ ही महाराज के स्वागत के लिए देश के कई राज्यों से जैन श्रद्धालु भी आए। ललितपुर में आचार्य विद्यासागर जी महाराज के आगमन पर पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल छाया रहा। इस दौरान पूरे शहर को दुल्हन की तरह सजाया गया।
महाराज के स्वागत के लिए तैयारियां
महामुनि राज की भव्य अगवानी के लिए जहां सड़कों पर रंगोलियां बनाई गईं, तो वहीं शहर को जरी पंडाल बैनर पोस्टर आदि से पाट दिया गया है। महामुनि राज का ऐतिहासिक नगर प्रवेश शाम लगभग 4 बजे हुआ। महाराज की अगुवाई में जैन श्रद्धालु ही नहीं बल्कि हजारों की तादाद में अन्य समाजों के श्रद्धालु भी शामिल हुए। पूरे नगर में हर्षोल्लास जैसा माहौल बना रहा। जैन समाज के अलावा अन्य सभी धर्मों एवं वर्गों के श्रद्धालुओं ने पलक पावड़े बिछाकर यानी कि महाराज का दिल से स्वागत कर उनका अभिनन्दन किया।
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज
महाराज के साथ 50 दिगंबर जैन साधु हैं। जिस रोड से उनका आगमन हुआ है, वहां जगह-जगह पर रंगोली बनाई गई है। ललितपुर के सभी जैन मंदिरों में लाइटनिंग की गई है। कहा जाए, तो ललितपुर के इतिहास में इस तरह का भव्य स्वागत किसी का नहीं हुआ। 24 नवंबर को जनपद में आचार्य पद आरोहण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह भी बड़े पैमाने पर होगा। खासबात यहा है कि वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड में यह ऐतिहासिक आगमन रिकार्ड किया जाएगा।
राजकीय अतिथि सम्मान की घोषणा
आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज को मुख्यमंत्री ने राजकीय अतिथि सम्मान देने की घोषणा की। प्रदेश सरकार की घोषणा के बाद महामुनि राज को राजकीय अतिथि का सम्मान दिया गया। नगर प्रवेश के समय अपर जिला अधिकारी योगेंद्र बहादुर सदर एसडीएम घनश्याम वर्मा अपर पुलिस अधीक्षक अवधेश कुमार विजेता क्षेत्राधिकारी सदर हिमांशु गौरव के साथ जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के सभी अधिकारी उनकी अगुवाई में मौजूद रहे। उन्हें जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा पर्याप्त सुरक्षा भी प्रदान की गई। इस मौके पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु सामिल हुए तो सभी पार्टियों के राजनेताओं ने भी इस कार्यक्रम में अपनी भागीदारी निभाई।