
नई दिल्ली। अमरीकी अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद का असर अभी भी जारी है। लोगों के बाद अब कंपनियों ने भी रंगभेद का विरोध करना शुरू कर दिया है। जॉनसन एंड जॉनसन ( Jhonson And Jhonson ) ने पहले ही ऐसे प्रोडक्ट को बेचना बंद कर दिया है जिसमें कालेपन को दूर करने का दावा किया जाता है। अब इस फेहरिस्त में फेयर एंड लवली ( Fair And Lovely Cream ) का नाम जुड़ गया है। हिंदुस्तान यूनीलीवर कंपनी ( Hindustan Uniliver ) ने अपने ब्यूटी क्रीम ब्रांड फेयर एंड लवली से फेयर शब्द हटाने का ऐलान ( Fair And Lovely to Drop Fair ) कर दिया है। कंपनी ने नए नाम के लिए अप्लाई किया है, लेकिन अभी तक कंपनी को हरी झंडी नहीं मिल सकी है।
लगते रहे हैं कंपनी पर आरोप
एचयूएल के अनुसार कंपनी पर बीते कई सालों से दुराग्रह के आरोप लगते रहे हैं। जिसकी वजह से कंपनी ने प्रोडक्ट के नाम से फेयर शब्द हटाने का फैसला किया है। आपको बता दें कि कुछ हफ्तों पहले अमरीकी अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की मौत हो गई थी। जिसकी वजह से अमरीकी लोगों को काफी नाराजगी देखने को मिल रही है। अमरीका में तो इसकी वजह से हिंसा तक हो गई। जिसके बाद दुनिया भर में अश्वेत लोगों से भेदभाव की बातों पर चर्चा होने लगी है।
कंपनी क्या होगा फयादा या नुकसान?
हिंदुस्तान यूनीलीवर के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव मेहता के अनुसार 2019 में कंपनी ने दो चेहरे वाला कैमियो हटाया था। इसके अलावा शेड गाइड भी हटा दिया था। जिसका कंपनी के प्रोडक्ट पर काफी पॉजिटिव इंपैक्ट देखने को मिला था। वहीं लोगों का रिस्पांस भी काफी अच्छा था। यानी कंपनी ने संकेत दिए हैं कि उनके इस फैसले का असर प्रोडक्ट पर पॉजिटिव यानी फायदे वाला रहेगा।
45 साल की हो चुकी है फेयर एंड लवली
फेयर एंड लवली को बाजार में आए करीब 45 सल हो चुके हैं। इसे पहली बार 1975 में उतारा गया था। जिसके बाद इस क्रीम की पॉपुलैरिटी काफी बढ़ती गई। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि क्रीम की मार्केट में हिस्सेदारी 50-70 फीसदी के आसपास है। 2016 में फेयर एंड लवली ने 2000 करोड़ क्लब में भी एट्री मार ली है।