कॉर्पोरेट वर्ल्ड

सीएए के विरोध के बीच जेफ बेजोस का बड़ा बयान, भारत की होगी 21वीं सदी

अमेजन एसएमबी को डिजिटल बनाने के लिए एक अरब डॉलर का करेंगे निवेश कंपनी 2025 तक 10 अरब डॉलर मूल्य के भारतीय वस्तुओं का निर्यात करेगी

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Jeff Bezos statement amidst CAA protest, India will have 21st century

नई दिल्ली। सिटीजन अमेंडमेंट एक्ट 2019 ( Citizen amendment act ) पर सिर्फ देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर की बड़ी कंपनियों के मालिकों और टॉप मैनेजमेंट की भी है। अब उनकी भी प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई है। जहां माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ और भारतीय मूल के सत्या नडेला ने सीएए ( CAA ) पर अपनी नकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। वहीं अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस ने सीएए के विरोध के बीच 21वीं सदी को भारत का बताया है। जेफ बेजोस का बयान कई मामलों में अहम बताया है। मौजूदा समय में भारत और भारत की सरकार अपने ही देशवासियों का विरोध झेल रही है। वहीं दूसरी ओर देश की अर्थव्यवस्था में लगातार गिरावट भी देखने को मिल रही है।

भारत की होगी 21वीं सदी
छोटे व मध्यम व्यवसायों (एसएमबी) के लिए बड़े निवेश की घोषणा करते हुए अमेजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जेफ बेजोस ने बुधवार को कहा कि 21वीं सदी भारत की सदी होगी। यहां अमेजन संभव कार्यक्रम में बेजोस ने घोषणा की कि अमेजन एसएमबी को डिजिटल बनाने के लिए देश में एक अरब डॉलर का निवेश करेगा।

10 अरब डॉलर के भारतीय वस्तुओं का निर्यात करेगी
उन्होंने यह भी कहा कि ई-कॉमर्स कंपनी अपनी वैश्विक पहचान का इस्तेमाल भारत में बने सामानों के निर्यात के लिए करेगी। कंपनी 2025 तक 10 अरब डॉलर मूल्य के भारतीय वस्तुओं का निर्यात करेगी। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि 21वीं सदी भारतीय सदी होने जा रही है।" उन्होंने कहा कि गतिशीलता के अलावा भारत का लोकतंत्र, इसकी एक प्रमुख विशेषता है।

21वीं सदी अमेरिका और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंधों की होगी
उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन के संदर्भ में 21वीं सदी अमेरिका और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंधों की होगी। बेजोस की भारत यात्रा ऐसे महत्वपूर्ण समय में हो रही है, जब भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने ई-कॉमर्स की बड़ी कंपनियों अमेजन और फ्लिपकार्ट के व्यापारिक कार्यों की जांच के आदेश दिए हैं।

सत्य नडेला की आई थी नकारात्मक प्रतिक्रिया
माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने नागरिकता (संशोधन) कानून (सीएए) पर अपनी राय जाहिर करते हुए कहा है कि भारत में यह सब जो हो रहा है, वह बुरा है। सोमवार को मैनहट्टन में संपादकों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह किसी अप्रवासी या शरणार्थी को भारत में आकर कोई स्टार्टअप खोलते देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि जो कुछ भी हो रहा है वह दुखद है..यह बुरा है..मैं भारत आने वाले एक बांग्लादेशी शरणार्थी को भारत में अगला यूनिकॉर्न बनाने या इंफोसिस का अगला सीईओ बनते देखना चाहूंगा।"

Updated on:
15 Jan 2020 04:46 pm
Published on:
15 Jan 2020 02:28 pm
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