अब वॉलेट के बाद कैसे देश के हर नागरिक के मोबाइल में बैंकिंग की सारी सुविधाएं एक साथ मौजूद होंगी।
नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद पैसों की किल्लत से जूझ रहे लोगों के लिए पेटीएम का वॉलेट किसी वरदान से कम साबित नहीं हुआ। देखते ही देखते पेटीएम ने देश भर में 20 करोड़ ग्राहक बना लिए। अब इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए पेटीएम पेमेंट बैंक देश के हर हिस्से में पहुंचने की तैयारी में जुट चुका है। पेटीएम पेमेंट बैंक का मकसद देश के हर खासोआम को डिजिटल बैंकिंग से जोड़ना है। पेटीएम पेंमेंट बैंक की विस्तार योजना और उसकी रणनीति पर पत्रिका के मनीष रंजन ने पेटीएम पेमेंट बैंक की सीईओ रेणु सती से खास बातचीत की... आइए जानते है कि अब वॉलेट के बाद कैसे देश के हर नागरिक के मोबाइल में बैंकिंग की सारी सुविधाएं एक साथ मौजूद होंगी।
Q. पेटीएम पेमेंट बैंक खोलने का आइडिया कैसे आया ?
A. डिजिटल क्रांति के इस दौर में हर इंसान सुविधा चाहता है। आज के दौर में सफल वहीं है जिसे हर रोज नए आइडियाज आते हैं। पेटीएम वॉलेट की सफलता ने हमें सीधे लोगों से जुड़ने का मौका दिया। तो हमने सोचा कि क्यों न देश के हर तबके को मोबाइल बैंकिंग से जोड़ा जाए। इसी सोच के साथ मई 2017 में हमने पेटीएम पेमेंट बैंक की शुरुआत की। इसके बाद हम चरणबद्ध तरीके से आगे बढे जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, चेन ब्लाकेज समेत हर उस आयाम पर काम किया जिससे बैंकिंग क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाई जा सके।
Q. पेटीएम पेमेंट बैंक का फोकस आम जनता पर है या कॉरपोरेट पर?
A. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि पेटीएम के 20 करोड़ ग्राहकों में 75 फीसदी हिस्सेदारी छोटे शहरों की है। अब वो जमाना खत्म हो चुका है जब छोटे शहर के लोग डिजिटल को नहीं समझते थे। बल्कि अब छोटे शहर या ग्रामीण लोग नई चीजों को अपनाने के लिए ज्यादा उत्सुक हैं। बस उन्हें सही जानकारी की जरुरत है। पेटीएम पेमेंट बैंक का मकसद देश के हर तबके के लोगों डिजिटल मुहिम से जोड़ना है। जिसमें आम जनता और कॉरपोरेट जगत दोनों शामिल हैं।
Q. इस बैंक की सबसे बड़ी खासियत क्या है।
A. बैंकिंग सेक्टर में हर बैंक के लिए CASA बहुत ही महत्वपूर्ण है। लेकिन हमारा कॉनसेप्ट थोड़ा अलग है हम CASA की बजाय WACASA पर काम कर रहे हैं। WACASA यानि वॉलेट अकाउंट, करेंट अकाउंट और सेविंग अकाउंट । हमारा फोकस इन तीनों पर है। हमने बैकिंग को आसान बनाने के लिए कई तरह की चीजें इसमें जोड़ी है। डिजिटल बैंकिग की खासियत यह है कि इसमें आपको खाता खुलवाने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। वहीं रुपे डेबिट कार्ड के जरिए आप ऑनलाइन कोई भी भुगतान कर सकते हैं। साथ ही आपको इसमें अपना पासबुक अपडेट कराने के लिए कही जाने की जरुरत नही। लेनदेन करने के साथ ही आपका पासबुक अपने आप ही अपडेट हो जाएगा।
Q. साल 2018 में पेटीएम पेमेंट बैंक की क्या योजनाएं है?
A. पेटीएम पेमेंट बैंक अपनी विस्तार योजना के तहत 2018 में देश भर में 1,00,000 बैंकिंग आउटलेट खोलने जा रहा है। ये आउटलेट देश के बड़े शहरों लेकर गांवो, कस्बो तक में खोले जाएंगे। इस बैंकिग आउटलेट की सबसे बडी खासियत होगी कि इसके पेटीएम उसी शहर, गांव या कस्बों में काम करने वाले लोगों को जोडेगा। किराना दुकानदार, दूध वाला, सब्जीवाला या फिर छोटी मोटी दुकान चलाने वाले हो इन सबको पेटीएम बैंक आउटलेट के लिए तैयार करेगा। ताकि वहां के लोगों को आसानी से बात समझ आ सकें।
Q. उद्योग जगत को ये बैंक अपने साथ कैसे जोड़ेगा?
A. पेटीएम बैंक के पास उद्योग जगत के लिए काफी कुछ नया है। अभी फिलहाल पेटीएम पेमेंट बैंक के पास 550 से ज्यादा कॉरपोरेट अकाउंट्स हैं जिसे अभी काफी आगे बढ़ाना है। कॉरपोरट्स के लिए जीरो बैलेंस वाला सैलरी अकाउंट्स तो है ही इसके साथ ही बैंक सभी कर्मचारियों के लिए अलग तरह के गिफ्ट कूपन्स भी देता है। मसलन अभी जो कंपनी में कर्मचारियों को गिफ्ट कूपन या वाउचर मिलते हैं उनकी एक वैलिडिटी होती है। अगर तय समय में आप इसका इस्तेमाल नहीं करते तो वो बरबाद हो जाता है। इसी को देखते हुए कंपनी ने इसके लिए अलग अकाउंट बनाया है। जिसमें आप जब चाहे अपना बैलेंस पता कर सकते है।