टेक्नोलॉजी

भारत में Apple की नई पहल: फैक्ट्रियों में काम करने वाले लोगों को सिखाया जाएगा तकनीकी कौशल

Apple Education Hub: एप्पल ने बेंगलुरु में भारत का पहला एजुकेशन हब लॉन्च किया है। मणिपाल एकेडमी के साथ मिलकर एप्पल अपने सप्लायर कर्मचारियों को कोडिंग, रोबोटिक्स और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग की ट्रेनिंग देगा।

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Feb 05, 2026
Apple Education Hub Bengaluru India (Image: Apple)

Apple Education Hub: एप्पल ने भारत में अपने सप्लाई-चेन कर्मचारियों के लिए एक नई शिक्षा और कौशल विकास पहल की शुरुआत की है। इसके तहत कंपनी ने बेंगलुरु में एप्पल एजुकेशन हब (Apple Education Hub) लॉन्च किया है, जहां फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारियों को कोडिंग, ऑटोमेशन और डिजिटल स्किल्स की ट्रेनिंग दी जाएगी।

कंपनी के मुताबिक, यह भारत में Apple का पहला ऐसा शिक्षा केंद्र है और यहां मार्च 2026 से कोर्स शुरू किए जाएंगे। यह केंद्र मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (Manipal Academy of Higher Education) के साथ साझेदारी में संचालित किया जाएगा।

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सप्लाई-चेन कर्मचारियों पर फोकस

एप्पल ने बताया कि यह पहल उसके Supplier Employee Development Fund का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी वैश्विक स्तर पर कर्मचारियों के कौशल विकास पर निवेश कर रही है। भारत में इस कार्यक्रम के अंतर्गत 25 से ज्यादा सप्लायर साइट्स पर नए ट्रेनिंग कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। इनमें शुरुआत टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (Tata Electronics) से की गई है।

इन कोर्सों में

  • डिजिटल लिटरेसी
  • स्विफ्ट कोडिंग
  • रोबोटिक्स
  • ऑटोमेशन टेक्नोलॉजी
  • स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग

जैसे विषय शामिल हैं।

Apple की सप्लाई-चेन इनोवेशन प्रमुख सारा चैंडलर (Sarah Chandler) ने कहा कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य सप्लायर कर्मचारियों के लिए नए करियर अवसर तैयार करना है और उन्हें भविष्य की मैन्युफैक्चरिंग जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान करना है।

ट्रेन-द-ट्रेनर मॉडल अपनाया जाएगा

एप्पल के अनुसार, मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन के फैकल्टी सदस्य पहले सप्लायर कंपनियों के प्रशिक्षकों को ट्रेन करेंगे। इसके बाद यही प्रशिक्षक फैक्ट्री लेवल पर कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण देंगे। कंपनी का कहना है कि इससे ट्रेनिंग को सीधे मैन्युफैक्चरिंग लोकेशंस तक पहुंचाया जा सकेगा।

इस साझेदारी पर मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन के वाइस-चांसलर लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) एम.डी. वेंकटेश ने कहा कि यह पहल भारत के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम में कौशल निवेश की बढ़ती अहमियत को दर्शाती है।

पहले से चल रहे कार्यक्रमों का विस्तार

एप्पल ने जानकारी दी कि वह फिलहाल भारत में अपने सप्लायर कर्मचारियों के लिए 75 से ज्यादा कोर्स उपलब्ध करा रही है। इनमें तकनीकी ट्रेनिंग के साथ-साथ प्रोफेशनल स्किल्स, हेल्थ एजुकेशन और राइट्स अवेयरनेस से जुड़े कार्यक्रम भी शामिल हैं।

दिसंबर 2024 में शुरू किए गए रोबोटिक्स ट्रेनिंग प्रोग्राम को भी 2026 में और फैक्ट्री साइट्स तक बढ़ाने की योजना है।

समावेशी शिक्षा पर भी जोर

कंपनी ने यह भी बताया कि वह भारत में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रमों का विस्तार कर रही है। ये पहलें सप्लायर कंपनियों और स्थानीय गैर-लाभकारी संस्थाओं के सहयोग से चलाई जा रही हैं। एप्पल के अनुसार, अब तक वैश्विक स्तर पर 18,000 से अधिक सप्लायर कर्मचारी इन कार्यक्रमों से लाभान्वित हो चुके हैं।

व्यापक रणनीति का हिस्सा

एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह कदम एप्पल की उस रणनीति से जुड़ा है, जिसके तहत वह चीन से इतर भारत में मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई-चेन को मजबूत कर रही है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि ये ट्रेनिंग कार्यक्रम कर्मचारियों के लिए उच्च-कौशल वाली भूमिकाओं और दीर्घकालिक रोजगार में किस हद तक योगदान दे पाते हैं।

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Updated on:
05 Feb 2026 04:53 pm
Published on:
05 Feb 2026 04:52 pm
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