
नई दिल्ली। गूगल (Google) दुनिया की सबसे बड़ी टैक कंपनी है। इसे अल्फाबेट (Alphabet Inc.) के नाम से भी जाना जाता है। एंड्रॉयड स्मार्टफोन, स्मार्टवाॅच, लैपटॉप और अन्य गैजेट्स बनाने के साथ ही गूगल की कई जरूरी सर्विसेज़ भी हैं। जैसे गूगल सर्च (Google Search), गूगल मैप्स (Google Maps), गूगल ट्रांसलेट (Google Translate), गूगल क्रोम (Google Chrome), यूट्यूब (YouTube), जीमेल (Gmail), गूगल वाई-फाई (Google Wi-Fi) आदि। इसी के साथ गूगल फोटोज़, कैलेंडर, चैटिंग/मैसेजिंग, डॉक्युमेंट्स के लिए अलग-अलग सर्विस भी अपने यूज़र्स को उपलब्ध कराता है। इन सभी के अतिरिक्त गूगल अन्य कई सुविधाएं उपलब्ध कराता है।
अगर स्मार्टफोन की बात की जाए तो गूगल के एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलने वाले स्मार्टफोन्स ने दुनियाभर में धूम मचाई हुई है। सैमसंग (Samsung), शाओमी (Xiaomi) वनप्लस (OnePlus) वीवो (Vivo) जैसी बड़ी कंपनियों के अलावा कई अन्य कंपनियां भी हैं जो एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स बनाती हैं। यहां तक कि गूगल भी Pixel सीरीज़ के स्मार्टफोन बनाता है।
पर अगर गौर किया जाए, तो सभी एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में पिछले 15 साल से भी ज़्यादा समय से क्वाॅलकॉम कंपनी के प्रोसेसर का इस्तेमाल होता रहा है। ऐसे में हाल ही में गूगल ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर घोषणा करते हुए बताया कि 2021 के अंत तक गूगल अपना खुद का प्रोसेसर लॉन्च करेगा। गूगल ने इसका नाम Tensor रखा है। इस प्रोसेसर का इस्तेमाल सबसे पहले गूगल के Pixel 6 और Pixel 6 Pro स्मार्टफोन्स में किया जाएगा। ये दोनों स्मार्टफोन 2021 के अंत तक लॉन्च होंगे, जिसकी जानकारी गूगल ने अपने ट्वीट में दी।
गूगल कंपनी के सीईओ सुन्दर पिचाई ने भी ट्वीट करके इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि Tensor प्रोसेसिंग चिप 4 साल से बन रहा है और साल 2021 के अंत तक Pixel 6 और Pixel 6 Pro के साथ लॉन्च होगा। उन्होंने इसे कंपनी की Pixel में अब तक की सबसे बड़ी खोज बताया है।
गूगल की घोषणा का परिणाम
क्वाॅलकॉम स्मार्टफोन के लिए वायरलेस चिप और प्रोसेसर बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है। पर गूगल के अपने खुद के प्रोसेसर लॉन्च करने की घोषणा के बाद क्वाॅलकॉम के शेयरों में भी गिरावट आई हैं। ऐसे में क्वाॅलकॉम कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा है कि क्वाॅलकॉम स्नैपड्रैगन प्लेटफॉर्म पर आधारित वर्तमान और भविष्य के सभी प्रॉजेक्ट्स पर गूगल के साथ करीबी तौर पर काम करना जारी रखेगा।
गूगल का अपना प्रोसेसर लॉन्च करने के पीछे कारण
गूगल ने अपना खुद का प्रोसेसर लॉन्च करने के पीछे कोई कारण नहीं बताया है। पर ऐप्पल ने 2020 में अपने Mac डिवाइसेज़ के लिए इंटेल के प्रोसेसर को ना चुनते हुए अपना खुद का प्रोसेसर इस्तेमाल करना शुरू किया। ऐसे में गूगल का अपना खुद का प्रोसेसर लॉन्च करने के पीछे यह एक बड़ा कारण हो सकता है, क्योंकि ऐप्पल और गूगल दोनों कंपनियां एक-दूसरे के काॅम्पीटिशन में हैं।
गूगल के Tensor प्रोसेसर का भविष्य
फिलहाल गूगल ने अपनी घोषणा में यही बताया है कि इसके नए स्मार्टफोन्स Pixel 6 और Pixel 6 Pro में ही गूगल के टेंसर का इस्तेमाल किया जाएगा। पर अगर इसे अच्छी प्रतिक्रिया मिलती है तो गूगल का क्वाॅलकॉम का साथ छोड़कर पूरी तरह से टेंसर प्रोसेसर का इस्तेमाल शुरू करने की भी पूरी संभावना है। टेंसर प्रोसेसर की सफलता टेक्नोलॉजी की दुनिया में गूगल को नई ऊँचाइयों तक पहुंचा सकती है।