टेक्नोलॉजी

अगर आपके बच्चे को लग गई है स्मार्टफोन पर गेम की लत तो ऐसे छुडाएं, हर एक्टिविटी पर रख सकेंगे नजर

गेमिंग के लिए बड़ों से लेकर बच्चों तक में काफी क्रेज देखने को मिलता है। बच्चें नेट पर कई बार ऐसी चीजों तक पहुंच जाते हैं, जो कि उनके लिए नुकसानदायक हो सकता है।

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Smartphone gaming Addiction
Smartphone gaming Addiction

आजकल स्मार्टफोन हमारी जरूरत ही नहीं बल्कि हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। स्मार्टफोन हर वक्त हमारे पास रहता है। यह मनोरंजन का भी बड़ा साधन गया है। इसके अलावा इसमें सोषल मीडिया एप्स और गेम्स के जरिए भी लोग अपना मनोरंजन करते हैं। आजकल स्मार्टफोन्स में एक से बढ़कर एक रोचक गेम्स आ गए हैं। भारत में गेमिंग के लिए बड़ों से लेकर बच्चों तक में काफी क्रेज देखने को मिलता है। हालांकि कई बार गेम्स की लत भी लग जाती है। बच्चे अपनी पढाई से ज्यादा गेम्स में ध्यान देने लगते हैं, ऐसे में उनकी स्टडी पर इफेक्ट पड़ता है। पिछले दिनोें खबर आई थी कि एक बच्चे ने ऑनलाइन गेम खरीदने के चक्कर में अपनी मां के लाखों रुपए खर्च कर दिए।

स्मार्टफोन एक्टिविटी पर रखनी होगी नजर
इंटरनेट पर कई ऐसे गेम्स हैं, जिनकी लत बच्चों को लग जाती है। जैसे ही बच्चों के हाथ में मोबाइल आता है तो बस वे गेम खेलने में लग जाते हैं। कई घंटों तक वे गेम ही खेलते रहते हैं। इसके अलावा भी बच्चें नेट पर कई बार ऐसी चीजों तक पहुंच जाते हैं, जो कि उनके लिए नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में माता-पिता को अपने बच्चों की स्मार्टफोन एक्टिविटी पर नजर रखनी चाहिए। इसके लिए वे पैरेंटल कंट्रोल टूल्स की मदद ले सकते हैं।

पैरेंटल कंट्रोल टूल्स
पैरेंट्स को पता होना चाहिए कि उनका बच्चा मोबाइल पर क्या देख रहा है। वह कोई ऐेसी चीज तो नहीं देख रहा, जो उसके लिए सही नहीं है। माता-पिता हर वक्त बच्चे के साथ नहीं रह सकते। हालांकि वे अपने बच्चे के मोबाइल स्क्रीन पर नजर रख सकते हैं। इस काम में वे पैरेंटल कंट्रोल टूल्स की मदद से बच्चों पर निगरानी रख सकते हैं। इससे पैरेेंट्स को पता रहेगा कि उनका बच्चा मोबाइल पर क्या देख रहा है। इसके अलावा वे बच्चों की स्क्रीन टाइम को भी मैनेज कर सकते हैं।

एप्स को ब्लॉक भी कर सकते हैं
पैरेंटल कंट्रोल टूल, गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद हैं। यह टूल एंड्रॉयड और आइओएस दोनों डिवाइसेज के लिए उपलब्ध हैं। इन टूल की मदद से पैरेेंट्स अपने बच्चों के मोबाइल स्क्रीन टाइम को मैनेज कर सकते हैं। साथ ही वे ये भी देख सकते हैं कि उनका बच्चा सोशल मीडिया पर क्या देख रहा है। इसके अलावा पैरेंटल कंट्रोल टूल की सहायता से वेब फिल्टरिंग, लोकेशन ट्रैकिंग, यूट्यूब वीडियो वॉच टाइम पर भी निगरानी की जा सकती है। साथ ही पैरेंट्स उन एप्स को भी ब्लॉक कर सकते हैं, जो उनके बच्चे के लिए सही नहीं है। इसके अलावा स्क्रीन टाइम की लिमिट भी सेट कर सकते है।

पता चलेगी बच्चे की एक्टिविटी
पैरेंटल कंट्रोल टूल की मदद से आप अपने बच्चे की एक्टिविटी पर नजर रख सकते हैं कि वह मोबाइल पर कौन सी चीज सबसे ज्यादा देखता है। अगर वह किसी खास साइट, एप या गेम में अपना ज्यादा वक्त बिताता है तो आप इस टूल की मदद से पता कर बच्चे की लत को छुडा सकते हैं।

Published on:
07 Jan 2021 08:56 pm