ताइवान ने OnePlus CEO के खिलाफ Pete Lau arrest warrant जारी किया है। उन पर अवैध रूप से 70 इंजीनियरों की भर्ती और ताइवान के क्रॉस-स्ट्रेट एक्टके उल्लंघन का गंभीर आरोप है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
Pete Lau arrest warrant: स्मार्टफोन की दुनिया का एक बड़ा नाम और OnePlus के CEO पीट लाउ (Pete Lau) इस वक्त बेहद मुश्किल कानूनी पचड़े में फंसते नजर आ रहे हैं। खबर है कि ताइवान के अभियोजकों (Prosecutors) ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या प्रीमियम फोन बनाने वाली इस कंपनी के मुखिया को सच में जेल की हवा खानी पड़ेगी?
यह पूरी कहानी शुरू होती है ताइवान के उन सख्त नियमों से, जो चीन के साथ उनके तकनीकी और राजनीतिक रिश्तों को तय करते हैं। ताइवान का आरोप है कि OnePlus ने वहां के कानूनों का उल्लंघन करते हुए गुपचुप तरीके से लोकल टैलेंट की भर्ती की है।
ताइवान की शिलिन डिस्ट्रिक्ट प्रॉसिक्यूटर्स ऑफिस का कहना है कि पीट लाउ ने बिना अनुमति के वहां अपना कारोबार चलाया और अवैध तरीके से 70 से ज्यादा कर्मचारियों को काम पर रखा। ये कर्मचारी स्मार्टफोन सॉफ्टवेयर की रिसर्च, डेवलपमेंट और टेस्टिंग जैसे अहम कामों में लगे थे। ताइवान को डर है कि इस तरह की अवैध भर्ती से उनकी नेशनल सिक्योरिटी और टेक्नोलॉजी चोरी (Tech Outflow) हो सकती है।
पीट लाउ पर ताइवान क्षेत्र और मुख्य भूमि क्षेत्र के लोगों के बीच संबंधों को नियंत्रित करने वाले अधिनियम के उल्लंघन का आरोप है। आसान भाषा में समझें तो यह कानून तय करता है कि चीन की कंपनियां ताइवान में किस हद तक और कैसे काम कर सकती हैं। आरोप है कि लाउ ने इन नियमों को दरकिनार किया, जिसमें दो ताइवानी नागरिकों ने भी उनकी मदद की है।
आपको बता दें कि पीट लाउ सिर्फ OnePlus के ही बॉस नहीं हैं। साल 2021 में जब OnePlus और Oppo का विलय (Merger) हुआ, तब लाउ को Oppo में चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर की बड़ी जिम्मेदारी भी मिली थी। हालांकि, इस पूरे विवाद पर अभी तक न तो OnePlus और न ही Oppo की तरफ से कोई आधिकारिक सफाई आई है।
यह मामला सिर्फ एक कंपनी की गलती भर नहीं है, बल्कि इसके पीछे चीन और ताइवान के बीच चल रही गहरी रंजिश भी है। ताइवान पिछले काफी समय से चीनी कंपनियों पर नजर रखे हुए है। अगस्त 2025 में ताइवान ने करीब 16 चीनी कंपनियों के खिलाफ जांच शुरू की थी, और पीट लाउ का यह केस उसी बड़ी कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है।
फिलहाल पीट लाउ के लिए मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। अगर वे ताइवान के कानूनों के तहत दोषी पाए जाते हैं, तो उनके लिए कानूनी लड़ाई काफी लंबी और थकाने वाली हो सकती है। टेक जगत की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी इस संकट से कैसे बाहर निकलती है।