
Health Symptoms: शरीर में वैसे तो छोटे मोटे बदलाव या परेशानियां होती रहती हैं और कई बार अपने आप ठीक भी हो जाती हैं। इसलिए हर परेशानी किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो, यह जरूरी नहीं है। लेकिन कुछ ऐसे लक्षण हैं जो कई स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़े हो सकते हैं। ऐसे लक्षणों की वजह जानने के लिए समय पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है। आइए जानते हैं ऐसे 7 लक्षणों के बारे में, जिन्हें समय रहते पहचानना और जरूरत पड़ने पर इलाज कराना जरूरी होता है।
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, अगर डाइट या एक्सरसाइज में बदलाव किए बिना वजन लगातार कम हो रहा है, तो इसकी वजह जानना जरूरी है। अचानक या बिना किसी वजह के वजन कम होना हाइपरथायरॉयडिज्म, डायबिटीज, डिप्रेशन, लिवर की बीमारी, कैंसर या शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण से जुड़ी समस्या जैसी कई स्थितियों से जुड़ा हो सकता है। अगर 6 से 12 महीने के दौरान शरीर के वजन का 5 प्रतिशत से ज्यादा वजन बिना कोशिश के कम हुआ है, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के मुताबिक, लगातार रहने वाला बुखार किसी संक्रमण का संकेत हो सकता है। यह यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन से लेकर टीबी जैसी कई संक्रामक बीमारियों में हो सकता है। कुछ दवाओं की वजह से भी बुखार आ सकता है। अगर शरीर का तापमान 103 डिग्री फारेनहाइट यानी करीब 39.4 डिग्री सेल्सियस या इससे ज्यादा हो या बुखार तीन दिन से ज्यादा समय तक बना रहे, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, ज्यादा मेहनत वाली एक्सरसाइज, बहुत ज्यादा तापमान, मोटापा या अधिक ऊंचाई पर रहने से भी सांस फूल सकती है। लेकिन बिना किसी स्पष्ट वजह के सांस लेने में परेशानी होना किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। इसकी वजह सीओपीडी, ब्रोंकाइटिस, अस्थमा, निमोनिया या फेफड़ों में खून का थक्का जैसी समस्याएं हो सकती हैं। दिल और फेफड़ों से जुड़ी कुछ अन्य समस्याओं में भी सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। अगर सांस लेने में परेशानी अचानक और गंभीर रूप से शुरू हुई है, तो तुरंत मेडिकल मदद लेनी चाहिए।
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के मुताबिक, अगर मल त्याग की आदत में बिना किसी वजह के लगातार बदलाव हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मल में खून आना, मल का काला या तारकोल जैसा दिखना, लगातार दस्त या कब्ज और पेट में बना रहने वाला दर्द ऐसे बदलाव हैं, जिन पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। इसके पीछे बैक्टीरियल, वायरल या पैरासाइट इंफेक्शन के अलावा आंतों से जुड़ी कुछ बीमारियां या कोलन कैंसर जैसी गंभीर समस्या भी हो सकती है।
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, अचानक सोचने की क्षमता में कमी आना, ध्यान लगाने में परेशानी होना या व्यवहार में बदलाव दिखाई देना भी ध्यान देने वाला लक्षण है। इसके पीछे संक्रमण, शरीर में पानी की कमी, पोषण की कमी, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ स्थितियां या कुछ दवाएं जैसी कई वजहें हो सकती हैं। अगर ऐसा बदलाव अचानक दिखाई दे, तो मेडिकल सलाह लेना जरूरी है।
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के मुताबिक, अगर पहले की तुलना में बहुत कम खाना खाने के बाद ही पेट भरा हुआ महसूस होने लगे, तो इसे अर्ली सैटायटी कहा जाता है। इसके साथ जी मिचलाना, उल्टी, पेट फूलना या वजन कम होना भी हो सकता है। इसके पीछे गैस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज यानी जीईआरडी या पेप्टिक अल्सर जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ मामलों में पेट का कैंसर भी इसकी वजह हो सकता है, इसलिए लगातार ऐसा महसूस होने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, आंखों के सामने चमकीले धब्बे या रोशनी की चमक दिखाई देना कभी कभी माइग्रेन से जुड़ा हो सकता है। लेकिन अचानक दिखाई देने वाली ऐसी रोशनी आंख के पर्दे यानी रेटिना के अपनी जगह से अलग होने जैसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकती है। ऐसी स्थिति में आंखों की रोशनी को स्थायी नुकसान से बचाने के लिए तुरंत मेडिकल मदद लेना जरूरी हो सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।