
AI Medical Diagnosis : आजकल लोग अपनी सेहत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी समस्या का समाधान इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर तलाश रहे हैं। बुखार के लक्षण हों या त्वचा पर निकले दाने, लोग बिना देर किए डॉक्टर के पास जाने की बजाय AI से पूछ रहे हैं कि कहीं यह कैंसर तो नहीं या सिर्फ वायरल। इस नए 'स्मार्ट' तरीके को कई लोग सुविधा मान रहे हैं, लेकिन चिकित्सकों की राय इससे बिल्कुल जुदा है। डॉक्टर इसे एक भ्रमित करने वाली और खतरनाक प्रवृत्ति बता रहे हैं, जो मरीजों को गलत दिशा में धकेल सकती है।
- जानकारी के लिए एआइ का उपयोग करें, निदान और इलाज के लिए डॉक्टर से परामर्श लें।
- बिना चिकित्सकीय सलाह के एआइ की ओर से सुझाई गई दवा न लें।
- लक्षण बढऩे पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
- स्किन या गंभीर बीमारियों के मामले में केवल तस्वीरों के आधार पर सलाह न लें।
डॉक्टर इस बढ़ती निर्भरता को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। उनका मानना है कि AI और इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी केवल जानकारी का एक स्रोत है, न कि किसी बीमारी का निदान करने वाला।
AI In Health Care: मेडिकल डायग्नोसिस में AI से नई क्रांति
AI किसी व्यक्ति की पूरी मेडिकल हिस्ट्री, उसकी शारीरिक जांच या अन्य ज़रूरी परीक्षणों के बिना केवल लक्षणों या तस्वीरों के आधार पर सही निदान नहीं कर सकता। उदाहरण के लिए, त्वचा पर एक सामान्य दाना भी किसी गंभीर बीमारी का लक्षण हो सकता है, जिसकी पुष्टि केवल विशेषज्ञ ही कर सकते हैं। AI द्वारा दिया गया गलत निदान न केवल मरीज़ को अनावश्यक चिंता में डाल सकता है, बल्कि उसे सही इलाज से भी वंचित कर सकता है, जिससे बीमारी और गंभीर हो सकती है।
कई बार AI कुछ सामान्य लक्षणों को किसी गंभीर बीमारी से जोड़ देता है, जिससे मरीज़ अनावश्यक रूप से घबरा जाता है। वहीं, कभी-कभी यह किसी गंभीर बीमारी के लक्षणों को सामान्य बताकर लापरवाही का कारण बन सकता है। ऐसे में मरीज़ सही समय पर डॉक्टर के पास नहीं पहुंच पाता, जिससे उसकी सेहत को बड़ा नुकसान हो सकता है।
अपनी स्वास्थ्य संबंधी तस्वीरों और जानकारी को AI प्लेटफॉर्म पर साझा करना गोपनीयता के लिहाज़ से भी जोखिम भरा हो सकता है। यह जानकारी कैसे इस्तेमाल की जाएगी और कौन इसका एक्सेस कर पाएगा, इस बारे में हमेशा स्पष्टता नहीं होती।
स्वास्थ्य सेवा केवल निदान तक सीमित नहीं है। इसमें डॉक्टर और मरीज़ के बीच का रिश्ता, डॉक्टर द्वारा मरीज़ को समझाया जाना, भावनात्मक समर्थन और व्यक्तिगत देखभाल भी शामिल है। AI इस मानवीय स्पर्श और सहानुभूति को कभी नहीं दे सकता, जो मरीज़ के इलाज और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत ज़रूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, एआइ लक्षणों, फोटो या विवरण को इंटरनेट पर मौजूद आंकड़ों से मिलाकर जवाब देता है। लेकिन यह व्यक्ति की शारीरिक स्थिति, पुरानी बीमारियों, एलर्जी या दवा के प्रति संवेदनशीलता को नहीं जानता, इसलिए इसका उत्तर केवल एक अनुमान होता है, न कि कोई निश्चित निदान। एआइ और इंटरनेट से मिली सलाह कभी-कभी सही हो सकती है, लेकिन यह इलाज का विकल्प नहीं है। स्वयं इलाज करना कई बार हानिकारक साबित होता है।
चिकित्सकों का कहना है कि हर रोग की अपनी जटिलता होती है, जिसे केवल लक्षण या तस्वीर से नहीं पहचाना जा सकता। इसके लिए मेडिकल जांच और विशेषज्ञ से परामर्श जरूरी होता है।