Ayurvedic 5 Patton ki chai : आयुर्वेद के 5 पत्तों की चाय के फायदे से लेकर बनाने की विधि तक आयुर्वेदिक डॉ. निशांत गुप्ता ने शेयर किया है।
Ayurvedic 5 Patton ki chai : आयुर्वेद के 5 पत्तों की चाय का फॉर्मूला आयुर्वेदिक डॉ. निशांत गुप्ता ने शेयर किया है। इस चाय को बनाने के लिए आप अपने आसपास से ही इन पत्तों को ला सकते हैं। क्योंकि, ये आसानी से मिल जाते हैं। आइए, जानते हैं कि पांच पत्तों की चाय कैसे बनाते हैं, कब पीना सही होता है।
डॉ. गुप्ता ने लिखा है, "आयुर्वेद के 5 पत्तों का जादू शुगर, लिवर, हार्ट (Sugar, Liver, Heart) सबका इलाज। घर के आसपास ही मिल जाते हैं ये 5 पत्ते। आम, अमरूद, जामुन, बेल और सफेदा के पत्तों को मिलाकर इसे बना सकते हैं।"
आप इन पत्तों को बताए गए संख्या के अनुसार तोड़कर के लाएं। इसके बाद इन्हें साफ पानी से अच्छी तरह से धो लें। क्योंकि, पत्तों के ऊपर धूल और अन्य गंदगी हो सकती है। इसलिए, इसे सबसे पहले साफ करना जरूरी है।
एक बार साफ हो जाने के बाद इनको मिलाके करीब 40 मिनट तक उबालें। जब ये एक बार उबल जाए तो कप या ग्लास में छान लें। अब चुस्की लेकर इसका आनंद लें।
इसको लेकर भी इनकी ओर से जानकारी दी गई है। अगर आप इसे पीने की सोच रहे हैं तो सुबह खाली पेट 1 कप पी सकते हैं। आम, अमरूद, जामुन, बेल और सफेदा आयुर्वेद में औषधीय पेड़ हैं। इनके कई लाभ हैं। अगर इनका सेवन सही समय और सही तरीके से किया जाए तो शरीर के अंगों को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।
डॉक्टर ने ये भी बताया है कि 40 दिन सेवन के बाद चाय में इस्तेमाल पत्तियों के औषधीय गुणों का असर शरीर पर दिख सकता है। यह असर कई रूपों में दिख सकता है। जैसे -
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी डॉक्टर की सलाह पर आधारित है, जिसका उद्देश्य केवल जागरूकता बढ़ाना और शैक्षिक जानकारी प्रदान करना है। अपनी जीवनशैली या आहार में कोई भी बदलाव करने से पहले किसी योग्य चिकित्सक या संबंधित विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।