Best Food For 6-12 Month Old Baby in Summer: गर्मी में बड़ों के साथ-साथ बच्चों के खाने-पीने का सही ध्यान न रखा जाए, तो पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, आज की स्टोरी में डाइटिशियन से जानते हैं कि 6 महीने से एक साल के बच्चे को गर्मी में क्या खिलाना चाहिए।
Baby Food Ideas for Summer: गर्मी के मौसम में 6 महीने से 1 साल तक के बच्चों को सही खानपान देना बेहद जरूरी होता है। इस उम्र में बच्चों का पाचन तंत्र पूरी तरह विकसित नहीं होता, इसलिए गलत खाना पेट दर्द, गैस और दस्त जैसी समस्याएं बढ़ा सकता है। क्लिनिकल डायटीशियन डॉ. अर्पणा इंदोरिया से जानिए 6-12 महीने के बच्चों के लिए सही डाइट प्लान, कौन-सी चीजें खिलानी चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए।
6 महीने के बाद बच्चे को मां के दूध के साथ चावल का पानी, दाल का पानी, मैश किया हुआ केला, चावल को मैश करके घी डालकर, खिचड़ी, स्प्राउटेड रागी का दलिया बनाकर, उबली और मैश की हुई शकरकंदी, गाजर और आलू खिला सकते हैं। इसके अलावा आप दही और छाछ भी दे सकते हैं और ऑरेंज रंग के फूड आइटम बच्चे के डाइट में ज्यादा शामिल करें।
6-12 महीने के बच्चे की डाइट में जो भी शामिल करें वो फ्रेश होना चाहिए। साथ ही किसी भी नई चीज को तीन दिन तक दें और खाने का टेक्सचर आसानी से बच्चे के खाने के लायक होना चाहिए। वहीं मात्रा और कैलोरी की बात करें तो 6-8 महीने के बच्चे के लिए 250 मिली (200 कैलोरी प्रति दिन), 9-11 महीने के लिए 300 कैलोरी और 12 महीने के बाद 550 कैलोरी दे सकते हैं।
हां, 30 मिली से 60 मिली तक पानी पिला सकते हैं। इससे बच्चे के शरीर में पानी की कमी पूरी होगी, लेकिन ध्यान दें कि ज्यादा पानी न पिलाएं। नहीं तो बच्चे का पेट पानी से भरा रहेगा और वो खाना नहीं खाएगा।
शहद, गाय का दूध, बाहरी डेयरी प्रोडक्ट, चॉकलेट , फ्लेवर वाले दही, ज्यादा नमक और चीनी वाली चीजें, सोडा, कोल्ड ड्रिंक, चाय और कॉफी जैसी चीजों को बच्चे को देने से परहेज करें।
बच्चे को खाना खिलाने की शुरुआत करते समय पहले तीन दिनों तक एक ही चीज खाने में दें, जिससे बच्चे को उसका टेस्ट समझ में आ जाएगा। साथ ही आपको यह भी समझ में आ जाएगा कि बच्चे को वह खाना पसंद है या नहीं या उसे उससे एलर्जी तो नहीं है। इसके बाद ही दूसरा कुछ खिलाने की शुरुआत करें।
बच्चे को खाने के साथ-साथ 2-3 साल तक ब्रेस्ट मिल्क देना चाहिए। इसके अलावा, अगर आप बच्चे को बाजार में मिलने वाले सेरेलेक नहीं देना चाहती हैं, तो आप मुरमुरा, भुना चना, भुना तिल, भुनी मूंगफली को गुड़ के साथ पीसकर रख सकती हैं। जब भी बच्चे को भूख लगे, तब पानी या दूध में घोलकर पिला सकती हैं। अगर बच्चे को किसी चीज से एलर्जी नहीं है, तो डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के बाद ही मूंगफली जैसी चीजें डाइट में शामिल करें।