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Beware of Swimmer’s Itch: जानिए क्यों होती है वॉटर एक्टीविज के बाद खुजली, रैश या जलन

Beware of Swimmer's Itch: बढ़ते टेम्प्रेचर में पानी का बड़ा सहारा है क्यूंकि इस दौरान स्विमिंग और अन्य वॉटर एक्टिविटीज का आनंद लिया जा सकता है। लॉन्ग समर वेकेशन हो या वीकेंड में रिसोर्ट का प्लान, गर्मी में वॉटर स्पोर्ट्स जरूरी होते है। लेकिन फ्रेश वॉटर बॉडीज में डुबकी लगाने से कई बार स्विमर्स इच (Swimmer's Itch) हो सकती है। क्या है यह इच, क्यों होती है और कैसे इससे आराम मिल सकता है जानिए इस आर्टिकल में :

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Don't Let Swimmer's Itch Ruin Your Fun: Know the Causes, Symptoms, and Treatment

Beware of Swimmer's Itch: गर्मी के मौसम में अगर कुछ है जो थोड़ी राहत देता है तो वो है पानी। पानी पीने से लेकर पानी में तैरने तक इससे जुडी ज़्यादातर एक्टिविटीज गर्मियों में हमारा सहारा बनती हैं। आमतौर पर लोग बढ़ते टेम्परेचर के साथ ही स्विमिंग क्लासेज ज्वाइन कर लेते हैं, वहीं कुछ लॉन्ग समर वेकेशन के लिए निकल जाते हैं, तो कई हर वीकेंड किसी रिसोर्ट में बिताते हैं। ऐसे में हर जगह पर वॉटर एक्टिविटी को अवॉयड करना मुश्किल होता है; आखिर जल ही जीवन है, खासकर गर्मियों में। राहत के पीछे- पीछे कई बार मुसीबत भी चली आती है, इसलिए जो लोग फ्रेश वॉटर बॉडीज जैसे झील, तालाब और ओशियन (ocean /beach) में वॉटर एक्टिविटी में भाग लेते हैं उन्हें अक्सर स्विमर्स इच (Swimmer's Itch) की शिकायत हो सकती है। क्या है स्विमर्स इच व इसके कारण और इलाज जानिए इस आर्टिकल में।


Decoding the Causes and Symptoms of Swimmer's Itch:
स्विमर्स इच त्वचा की एक ऐसी स्थिति है जहां स्विमर्स को किसी पैरासाइट से एलर्जीक रिएक्शन हो जाता है। इस एलर्जिक रिएक्शन को सरकेरियल डर्मेटाइटिस भी कहा जाता है। इस कंडीशन के होने का कारण कुछ परसिटेस हैं जो वॉटर बॉडी में अपने लार्वा छोड़ते हैं। सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन में पब्लिश्ड एक आर्टिकल के अनुसार इन पैरासाइट का जन्मदाता कोई पक्षी या मैमल हो सकता है। जब हमारी बॉडी इन लार्वा द्वारा किये गए दूषित पानी के संपर्क में आती है तो वे त्वचा में छेद कर देती है जिससे बॉडी में खुजली और दाने या जलन महसूस हो सकती है। इससे त्वचा पर एलर्जिक रिएक्शन के साथ उसपर दाने या रैश हो जाते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है की स्विमर्स इच दुनिया भर में पाई जाती है और गर्मी के महीनों में इसका रिस्क अधिक होता है। हालांकि स्विमर्स इच आमतौर पर गंभीर नहीं होती है और इसका उपचार किया जा सकता है।


Symptoms: त्वचा में जलन या खुजली महसूस होना, छोटे-छोटे लाल रंग के दाने दिखाई देना या छोटे छाले व रैश स्विमर्स इच के लक्षणों में शामिल हैं। यदि आप पैरासाइट वाले पानी में तैरते हैं, तो कुछ मिनटों या कई बार कुछ दिनों बाद आपकी त्वचा पर जलन या खुजली महसूस करना शुरू कर सकते हैं। ऐसे में बारह घंटे के भीतर त्वचा पर छोटे-छोटे लाल रंग के दाने दिखाई दे सकते हैं। ज़्यादा गंभीर होने पर ये फुंसियां छोटे-छोटे फफोलों में बदल सकती हैं। यदि आप प्रभावित क्षेत्रों को खरोंचते हैं, तो इससे बैक्टीरिया के कारण इन्फेक्शन भी हो सकता है। खुजली लगभग एक सप्ताह या उससे अधिक समय तक रह सकती है, लेकिन साथ ही यह धीरे-धीरे अपने आप चली जाती है।

गौरतलब है कि जो लोग इन्फेक्शन के बावजूद दूषित पानी (contaminated water) में तैरना बंद नहीं करते हैं और लगातार तैरते हैं वे अधिक गंभीर लक्षणों का अनुभव कर सकते हैं। इसका कारण यह है की स्विमर्स इच पैरासाइट्स से हुए एलर्जी रिएक्शन के कारण होती है और जितना अधिक कोई इन्फेक्टेड पानी में तैरता है उतना ही इस इच के लक्षण तीव्र हो सकते हैं। यह खुजली कॉन्टेजियस नहीं है और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैल सकती है।


Treatment: स्विमर्स इच को आमतौर पर मेडिकल ट्रीटमेंट की आवश्यकता नहीं होती है। अपने शरीर से दाने या रैश से आराम पाने के लिए कॉर्टिकोस्टेरॉइड क्रीम का उपयोग करें, खुजली वाली जगह पर ठंडा कपड़ा या कोल्ड कंप्रेस रखें, एप्सम सॉल्ट या बेकिंग सोडा से नहाएं, बेकिंग सोडा और पानी को मिलाकर पेस्ट बना लें, फिर इसे रैशेज पर लगाएं, खुजली में मदद करने वाले लोशन का प्रयोग करें। एक ऐसा स्किन लोशन लगाएं जो खुजली रोकने में मदद करे। इसके अलावा त्वचा पर खरोंच न करना महत्वपूर्ण है। खुद को ऐसा करने से रोकना कठिन हो सकता है फिर भी यह जरूरी है क्यूंकि खरोंचने से रैश इन्फेक्टेड हो सकते हैं। यदि ज़्यादा खुजली है तो डॉक्टर की सलाह लोशन या क्रीम का इस्तेमाल करें।

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