
Rajkummar RaoPatralekha House: मुंबई जैसे भागदौड़ भरे शहर में हर किसी की चाह होती है एक ऐसा घर जहां सुकून मिले। एक्टर राजकुमार राव और उनकी पत्नी पत्रलेखा ने हाल ही में ऐसा ही एक खूबसूरत और शांति भरा घर लिया है, जो जितना देखने में शानदार है, उतना ही सादगी से भरा भी।
राजकुमार और पत्रलेखा का यह ट्रिप्लेक्स फ्लैट जुहू इलाके में है। यह मुंबई का एक पॉश और शांत इलाका माना जाता है। इस तीन मंजिल वाले घर की कीमत कई रिपोर्ट्स के अनुसार लगभग 44 करोड़ रुपये बताई जा रही है। आइए देखते हैं, अभिनेता राजकुमार राव और उनकी पत्नी पत्रलेखा का सपनों का ठिकाना की कुछ खास झलक।
राजकुमार राव (Rajkummar Rao) और पत्रलेखा (Patralekha) का यह नया घर मुंबई के पॉश और शांत इलाके जुहू में है। यह घर 14वीं, 15वीं और 16वीं मंजिल पर फैला हुआ ट्रिप्लेक्स फ्लैट है। कुल 3,456 वर्ग फुट में बना यह आशियाना पहले जाह्नवी कपूर का था। जिसे अब इस कपल ने करीब 44 करोड़ रुपये में खरीदा है। खास बात ये भी है कि इस घर के साथ छह गाड़ियों की पार्किंग की जगह भी है। घर की हर दीवार और हर कोना यह बताता है कि दोनों कपल्स ने कितने सादगी से इस घर को बसाया हैं।
इस घर की सबसे बड़ी खूबी इसकी सादगी है। लिविंग रूम की दीवारें सफेद और नीले रंग से रंगी गई हैं, जो कमरे को साफ-सुथरा और शांत माहौल देते हैं। फर्श पर लकड़ी का खूबसूरत काम है और हल्के रंग के सोफे कमरे में आरामदायक और खुशनुमा माहौल बनाते हैं।
दीवारों पर खूबसूरत पेंटिंग्स और परिवार की खास तस्वीरें सजाई गई हैं। साथ ही भगवान बुद्ध और गणेश जी की मूर्तियां भी घर के हर कोने को एक आध्यात्मिक और सुखद माहौल देती हैं। राजकुमार ने बताया कि उन्होंने बुद्ध की मूर्ति थाईलैंड के कोह समुई से मंगवाई है, जो उनके लिए खास मायने रखती है।
राजकुमार राव को किताबें पढ़ना और स्क्रिप्ट पर काम करना बेहद पसंद है। इसलिए उन्होंने घर में एक शांत और आरामदायक कोना बनाया है। जहां वे बिना किसी हलचल के बैठकर पढ़ाई कर सकें और नए आइडियाज पर काम कर सकें। इस कोने में एक झूला भी रखा गया है जहां वे परिवार के साथ बैठकर वक्त बिताना पसंद करते हैं।
राजकुमार राव सिर्फ बड़े पर्दे के कलाकार ही नहीं, बल्कि अपने घर के कामों में भी पूरी दिलचस्पी लेते हैं। उन्होंने खुद बताया है कि उन्हें झाड़ू लगाना, बर्तन धोना और साफ-सफाई करना अच्छा लगता है। उनका मानना है कि ये काम उन्हें मानसिक शांति देते हैं और घर से जुड़ाव महसूस कराते हैं। पत्रलेखा भी उनकी इस आदत की तारीफ करती हैं और दोनों मिलकर घर को एक प्यारा और आरामदायक ठिकाना बनाए रखते हैं।