Budget travel tips in Hindi: आज की स्टोरी में हम 5 ऐसी छोटी-छोटी लेकिन जरूरी बातों को बताने जा रहे हैं जिन्हें फॉलो कर आप कम खर्च में एक यादगार ट्रिप कर पाएंगे।
Budget Travel Tips in Hindi: गर्मियों की छुट्टियां शुरू होने वाली हैं और ऐसे में लोग घूमने जाने की प्लानिंग करना शुरू कर चुके होंगे। वैसे तो घूमने-फिरने का शौक सबको होता है, पर अक्सर ज्यादातर लोग बजट सुनकर प्लान कैंसिल कर देते हैं। कुछ लोगों को लगता है कि ट्रैवलिंग सिर्फ ज्यादा पैसे वाले लोग ही कर सकते हैं, लेकिन सच तो ये है कि जेब में कम पैसे हों तब भी आप दुनिया नाप सकते हैं। बस आपको थोड़ा स्मार्ट बनना पड़ेगा और दिखावे वाली लग्जरी को छोड़कर असली ट्रैवलिंग पर फोकस करना होगा। अगर आपको भी सच में घूमने का शौक है, तो हमारी आज की स्टोरी आपके लिए है। आज की स्टोरी में हम 5 ऐसी छोटी-छोटी लेकिन जरूरी बातों को बताने जा रहे हैं जिन्हें फॉलो कर आप कम खर्च में एक यादगार ट्रिप कर पाएंगे।
लोग अक्सर सोशल मीडिया की वायरल जगहों को देख कर टिकट बुक करना शुरू कर देते हैं, जो सबसे बड़ी गलती होती है। आपकी ट्रिप सस्ती होगी या महंगी, ये इस बात पर निर्भर करता है कि आप जा कहां रहे हैं। इसलिए हमेशा अच्छे से घूमने के लिए जो जगह ट्रेंड में या वायरल हो, उसके बदले दूसरी वैसी जगहों पर जाएं। जैसे अगर आपको पहाड़ पसंद हैं, तो शिमला-मनाली की भीड़ और महंगाई छोड़कर कसोल या मैकलॉडगंज की गलियों में निकल जाइए। अगर बीच जाना है, तो गोवा के महंगे रिसॉर्ट्स के बजाय गोकर्ण के सस्ते हट्स ट्राई करें। ऑफ-बीट जगहों पर जाने का फायदा ये है कि वहां भीड़ कम मिलती है और जेब पर बोझ भी नहीं पड़ता।
सबसे ज्यादा पैसा टिकटों में जाता है। इसलिए ज्यादातर लोग गूगल पर सबसे ज्यादा सस्ते टिकट बुक करने के जुगाड़ खोजते रहते हैं। लेकिन इसका सबसे अच्छा हैक ये है कि आप जितना जल्दी हो सके बुकिंग कर लें। इससे न सिर्फ आपके पैसे बचेंगे, बल्कि आपको अच्छी और पसंद की सीट भी मिलेगी।
अब वो जमाना गया जब सिर्फ महंगे होटलों में ही रुका जाता था। आजकल हॉस्टल्स का बड़ा ट्रेंड है। यहां आपको 500-600 रुपये में एक बेड मिल जाता है और साथ में मिलते हैं ढेर सारे नए दोस्त। अगर आप फैमिली के साथ हैं, तो होटल के बजाय होमस्टे देखें। वहां आपको घर जैसा खाना और माहौल मिलेगा, और कीमत भी होटलों से काफी कम होगी। गूगल पर रेटिंग जरूर चेक कर लें ताकि सस्ता होने के चक्कर में सेफ्टी से समझौता न हो।
अगर आप सच में घूमने जा रहे हैं, तो महंगे कैफे और फाइव स्टार रेस्टोरेंट में वही पिज्जा-बर्गर खाने से अच्छा है कि वहां का लोकल स्ट्रीट फूड ट्राई करें। ढाबों पर खाना न केवल सस्ता होता है बल्कि स्वाद में भी लाजवाब होता है। इसका पता लगाने का सबसे अच्छा जरिया ये है कि जहां ज्यादा लोकल भीड़ दिखे, समझ लीजिए वहां का खाना बढ़िया और सस्ता है। इसके अलावा अपनी पानी की बोतल साथ रखें और जहां फ्री का साफ पानी मिले भर लें, क्योंकि बार-बार 20 रुपये की बोतल खरीदना भी बजट बिगाड़ देता है।
हर शहर में बहुत कुछ ऐसा होता है जिसके लिए टिकट नहीं लेनी पड़ती। इसलिए ट्रिप प्लान करने से पहले गूगल पर फ्री थिंग्स टू डू की लिस्ट घर से ही बना लें। इसके अलावा साथ ही, जब सब लोग घूमने जा रहे हों तब न जाएं। ऑफ-सीजन में जाने का सबसे बड़ा फायदा होता है कि आपको अच्छे डिस्काउंट मिल जाते हैं।