
Budheshwar Mahadev Temple History: भगवान शिव की पूजा के लिए सोमवार का दिन खास माना जाता है। इस दिन देशभर के शिव मंदिरों में भक्त भोलेनाथ की पूजा अर्चना करते हैं और जल, दूध, बेलपत्र समेत कई चीजें चढ़ाते हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक ऐसा मंदिर भी है, जहां भगवान शिव की पूजा के लिए बुधवार का दिन खास माना जाता है। इस मंदिर का नाम बुद्धेश्वर महादेव मंदिर है। बुधवार को यहां पूजा करने के पीछे एक खास पौराणिक मान्यता जुड़ी हुई है। यही मान्यता इस मंदिर को दूसरे शिव मंदिरों से अलग बनाती है। आइए जानते हैं बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में बुधवार को ही पूजा क्यों की जाती है और इसके पीछे क्या मान्यता है।
लखनऊ के मोहान रोड पर स्थित बुद्धेश्वर महादेव मंदिर भगवान शिव को समर्पित शहर के पुराने और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक माना जाता है। इस मंदिर से जुड़ी पौराणिक मान्यता भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी से जुड़ी है। उत्तर प्रदेश टूरिज्म (Uttar Pradesh Tourism) के इंस्टाग्राम पर शेयर की गई जानकारी के अनुसार, माता सीता को वन में छोड़ने जाते समय लक्ष्मण जी ने इसी स्थान पर भगवान शिव की आराधना की थी और वह दिन बुधवार था। तभी से यहां बुधवार को पूजा किए जाने की मान्यता है। इसी वजह से यहां विराजित शिवलिंग को बुद्धेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है।
बुधवार के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर भोलेनाथ के दर्शन करते हैं और पूजा अर्चना करते हैं। मंदिर से जुड़ी इसी मान्यता के चलते यह शिव मंदिर दूसरे शिव मंदिरों से अलग माना जाता है। यहां भगवान शिव के दर्शन करने के लिए भक्त बुधवार के दिन विशेष रूप से पहुंचते हैं।
बुद्धेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना राजा बख्शी ने कराई थी। यहां पूरे साल भक्त भगवान शिव के दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं। हालांकि सावन और महाशिवरात्रि के मौके पर मंदिर में भक्तों की भीड़ काफी बढ़ जाती है। इस दिन दूर दूर से श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर भगवान शिव की पूजा करते हैं।