Salary Hike Tips: अगर अच्छे कॉलेज से पढ़ाई करने के बाद भी आपको नौकरी नहीं मिल रही है, या आपको हमेशा ले-ऑफ का डर लगा रहता है, तो हमारी आज की यह स्टोरी आपके काम आ सकती है।
Job Switch Karke Salary Kaise Badhaye: आज के समय में अच्छे कॉलेज से अच्छे नंबरों के साथ पास होने के बावजूद कई स्टूडेंट्स को नौकरी नहीं मिल पा रही है, वहीं प्राइवेट सेक्टर में काम करने वालों के मन में हमेशा ले-ऑफ (layoff) का डर बना रहता है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए, एक रेडिट यूजर ने अपना वर्किंग एक्सपीरियंस शेयर किया है। उसने बताया कि कैसे बिना किसी IIT, IIM या बी-टेक डिग्री के, उसने अपनी सैलरी को 9 साल में 1.84 लाख सालाना से 75 लाख सालाना तक पहुंचा दिया। आइए, इस लेख में उस रेडिट यूजर के अनुभव से समझते हैं कि आज के समय में सफल कैसे हो सकते हैं।
रेडिट यूजर ने बताया है कि उसने एक साधारण Tier-3 कॉलेज से मैथ्स में बी-एससी किया था। जिसके चलते उसे कोई बड़ा कैंपस प्लेसमेंट नहीं मिला, तो उसने एक साधारण IT कंपनी में 1.84 LPA की सैलरी पर काम शुरू किया। शुरुआत में वह सर्विस डेस्क पर था, लेकिन उसने हार नहीं मानी। उसने धीरे-धीरे कम्युनिकेशन सीखी और काम के साथ-साथ टेक्निकल चीजें समझनी शुरू कीं। इसके 4 साल बाद उसकी सैलरी बढ़कर 4.5 LPA हो गई।
कोरोना के दौरान उसने एक बड़ी कंपनी में स्विच किया और उसकी सैलरी सीधे 8 LPA हो गई। इसके बाद वह मार्केट में एक साथ कई जगह इंटरव्यू देता था। इससे उसे बारगेनिंग पावर मिली और उसने अपनी सैलरी को 8 लाख से 17.4 लाख तक पहुंचा लिया। उसका मानना है कि नेगोशिएशन या सैलरी पर मोल-भाव करना एक बड़ी स्किल है, जिसे आज के समय में हर किसी को सीखना चाहिए।
रेडिट यूजर ने बताया कि वह हर नई नौकरी के इंटरव्यू में जॉब की जरूरतों को पहले पढ़ लेता था, फिर नौकरी मिलने के बाद उसे गहराई से सीखता और मास्टर करता था। बाद में उसने इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लाउड के क्षेत्र में महारत हासिल की। 6 से 8 साल के बीच उसकी सैलरी 30 LPA तक पहुंची, और एक स्टार्टअप में जाकर यह 42.2 LPA हो गई।
रेडिट यूजर ने आगे बताया कि एक समय उसे उसकी 42 LPA की जॉब से निकाल दिया गया। यह उसके लिए एक बड़ा झटका था, लेकिन उसने नोटिस पीरियड का सही इस्तेमाल किया और जमकर तैयारी की। इसी मेहनत के दम पर उसने 75 LPA का पैकेज हासिल किया।
रेडिट यूजर के अनुसार, डिग्री सिर्फ पहली नौकरी दिलाने में मदद करती है, आगे का सफर आपकी स्किल्स पर निर्भर करता है। इसलिए, बेमतलब के कोर्सेज करने के बजाय ऐसी स्किल्स सीखें जो आपके काम से जुड़ी हों और आपके काम को आगे बढाने में मदद करें।