
Chewing Gum Side Effects: च्यूइंग गम चबाना आजकल कई लोगों की रोजमर्रा की आदत बन गई है। कुछ लोग इसे मुंह की ताजगी के लिए चबाते हैं, तो कुछ खाना खाने के बाद इसका इस्तेमाल करते हैं। वहीं, कई लोग मानते हैं कि गम चबाने से फेस फैट या जॉलाइन पर भी असर पड़ सकता है। लेकिन क्या च्यूइंग गम चबाने के वाकई इतने फायदे हैं, या ज्यादा गम चबाने से नुकसान भी हो सकता है? साथ ही, इसे कितनी देर तक चबाना ठीक है? आइए जानते हैं।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, च्यूइंग गम चबाने से मुंह में लार का उत्पादन काफी बढ़ सकता है। लार मुंह में मौजूद एसिड को संतुलित करने में मदद करती है। इसमें कैल्शियम और फॉस्फेट जैसे तत्व भी होते हैं, जो दांतों के इनेमल को दोबारा मजबूत बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। गम चबाने से दांतों और मसूड़ों के आसपास फंसे खाने के छोटे कणों को हटाने में भी मदद मिल सकती है।
हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार, शुगर फ्री च्यूइंग गम सामान्य चीनी वाले गम की तुलना में दांतों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। खाना खाने के बाद गम चबाने से लार का प्रवाह बढ़ता है, जिससे मुंह में मौजूद खाने के कण और शुगर को साफ करने में मदद मिल सकती है। वहीं, चीनी वाला गम मुंह के बैक्टीरिया को शुगर उपलब्ध कराता है, जिससे दांतों में सड़न का खतरा बढ़ सकता है।
हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार, कुछ अध्ययनों में च्यूइंग गम चबाने और तनाव कम होने तथा सतर्कता बढ़ने के बीच संबंध पाया गया है। कुछ रिसर्च में गम चबाने के दौरान याददाश्त, समझ और निर्णय लेने जैसे मानसिक कामों के कुछ पहलुओं में सुधार भी देखा गया है।
हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार, च्यूइंग गम कुछ लोगों में भूख या मीठा खाने की इच्छा को कम करने में मदद कर सकता है। कुछ रिसर्च में इसे कम खाने और वजन घटाने की कोशिशों से भी जोड़ा गया है। लेकिन लंबे समय में वजन कम करने पर इसका कितना असर होता है, इसे लेकर अभी और रिसर्च की जरूरत है।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, लंबे समय तक या लगातार गम चबाने से जबड़े के जोड़ों और मांसपेशियों पर ज्यादा दबाव पड़ सकता है। इससे जबड़े में दर्द, कान के पास दर्द, सिरदर्द या जबड़े के जोड़ से क्लिक या पॉप जैसी आवाज आने की समस्या हो सकती है। हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार, बहुत ज्यादा गम चबाने को टेम्पोरोमैंडिबुलर डिसऑर्डर यानी TMD से भी जोड़ा गया है।
हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार, शुगर फ्री गम में इस्तेमाल होने वाले कुछ शुगर अल्कोहल ज्यादा मात्रा में लेने पर पेट से जुड़ी परेशानी पैदा कर सकते हैं। इससे कुछ लोगों को गैस, पेट में परेशानी या दस्त हो सकते हैं।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, जिन लोगों को जबड़े से जुड़ी समस्या है, हाल ही में दांतों का इलाज कराया है या फिलिंग, इंप्लांट, ब्रेसेज या क्राउन लगे हैं, उन्हें गम चबाने से पहले डेंटिस्ट की सलाह लेनी चाहिए। रात में दांत पीसने या जबड़े को बार बार दबाने की आदत वाले लोगों को भी सावधानी बरतनी चाहिए। इसके अलावा छोटे बच्चों और निगलने में परेशानी वाले लोगों में गम से दम घुटने का खतरा भी हो सकता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, गम को करीब 10 से 15 मिनट तक चबाना बेहतर हो सकता है। बहुत देर तक लगातार चबाने से जबड़े की मांसपेशियों, जोड़ों और दांतों पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।