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अकेले मिलने से लेकर ऑनलाइन सुरक्षा तक, बच्चों को जरूर सिखाएं ये 10 बातें, मुश्किल वक्त में आएंगी काम

Child Safety: बच्चों को सुरक्षा से जुड़े जरूरी नियम समझाना जरूरी होता है। आइए जानते हैं वे कौन सी बातें हैं, जिन्हें माता पिता को बच्चों को जरूर बताना चाहिए, ताकि वे मुश्किल परिस्थितियों में सतर्क रह सकें।
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Sep 29, 2026
Child Safety, बच्चों की सुरक्षा
Parenting Tips (representative image) image credit Magnific

Parenting Tips: बच्चों की सुरक्षा के लिए उन्हें केवल अनजान लोगों से सावधान रहने की बात कहना काफी नहीं है। उन्हें यह भी पता होना चाहिए कि अगर कोई परिचित व्यक्ति उन्हें किसी बात को छिपाने, अकेले मिलने या बिना बताए कहीं जाने के लिए कहे तो उन्हें क्या करना है। बच्चों को छोटी उम्र से ही अपनी असहजता पहचानने और जरूरत पड़ने पर साफ मना करने के लिए समझाना जरूरी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर @MumbaichaDon ने “Every, I repeat, Every parent of a Girl Child must watch this & educate our daughters.” कैप्शन के साथ एक पोस्ट शेयर की है। इसमें बच्चों को अलग अलग परिस्थितियों में सुरक्षित रहने के तरीके बताए गए हैं। आइए जानते हैं।

अकेले मिलने से करें इनकार

अगर कोई व्यक्ति बच्चे से कहे कि अंदर आओ और दरवाजा बंद कर दो, तो बच्चे को ऐसा करने से मना करना चाहिए। तो बच्चा कह सकता है कि अगर कोई बात करनी है तो ऐसी जगह बात करें जहां दूसरे लोग मौजूद हों। बच्चों को समझाएं कि किसी के दबाव में आकर अकेले कमरे में जाना जरूरी नहीं है।

कहीं जाने से पहले माता पिता को बताएं

अगर कोई बच्चा किसी दोस्त, रिश्तेदार या परिचित के साथ कहीं जा रहा है तो माता पिता को इसकी जानकारी होनी चाहिए। बच्चे को किसी के कहने पर अपनी जाने की जगह छिपानी नहीं चाहिए। उसे यह भी पता होना चाहिए कि माता पिता को सही लोकेशन बताना उसकी सुरक्षा के लिए जरूरी है।

दबाव डालने पर साफ कहें नहीं

अगर कोई व्यक्ति बच्चे से बार बार किसी पार्टी या दूसरी जगह चलने के लिए कहे और बच्चा वहां नहीं जाना चाहता हो तो वह साफ मना कर सकता है। बच्चों को समझाएं कि केवल इसलिए किसी के साथ जाना जरूरी नहीं है क्योंकि बाकी लोग जा रहे हैं। अपनी इच्छा के खिलाफ जाने के बजाय बच्चे को माता पिता या किसी भरोसेमंद बड़े को बताना चाहिए।

पिकअप बदलने पर पहले करें पुष्टि

अगर बच्चे को लेने आने वाला व्यक्ति बदल जाए और वह कहे कि माता पिता ने उसे भेजा है, तो बच्चे को तुरंत उसके साथ नहीं जाना चाहिए। पहले माता पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद व्यक्ति से इसकी पुष्टि करनी चाहिए। अचानक बदली हुई पिकअप व्यवस्था में पुष्टि करना बच्चे की सुरक्षा के लिए जरूरी है।

गिफ्ट देकर बात छिपाने को कहे तो बताएं

अगर कोई व्यक्ति बच्चे को गिफ्ट देकर कहता है कि इसके बारे में मम्मी पापा को मत बताना, तो बच्चे को यह बात छिपानी नहीं चाहिए। उसे तुरंत माता पिता या किसी भरोसेमंद बड़े को बताना चाहिए। बच्चों को समझाएं कि किसी व्यक्ति के कहने पर किसी गिफ्ट या मुलाकात की बात को गुप्त रखना जरूरी नहीं है।

गले मिलने के लिए भी सहमति जरूरी

बच्चे को किसी रिश्तेदार या परिचित व्यक्ति को गले लगाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। अगर बच्चा गले नहीं मिलना चाहता तो वह हाथ हिलाकर या नमस्ते करके अभिवादन कर सकता है। बच्चों को अपनी व्यक्तिगत सीमाओं के बारे में खुलकर बोलने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

अपना पता न दें

ऑनलाइन गेम या सोशल मीडिया पर किसी अनजान व्यक्ति से बातचीत करते समय बच्चे को घर का पता, फोन नंबर, स्कूल या दूसरी निजी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। अगर कोई ऐसी जानकारी मांगे तो बच्चे को बातचीत छिपाने के बजाय तुरंत माता पिता को बताना चाहिए।

संदिग्ध मैसेज माता पिता को दिखाएं

अगर किसी अनजान अकाउंट से ऐसा मैसेज आए जिससे बच्चा असहज महसूस करे तो उसे अकेले जवाब देने की जरूरत नहीं है। वह मैसेज माता पिता को दिखा सकता है। जरूरत पड़ने पर उस अकाउंट को ब्लॉक और रिपोर्ट किया जा सकता है।

अनजान व्यक्ति के साथ न जाएं

अगर बच्चा किसी सार्वजनिक जगह पर माता पिता से अलग हो जाए तो उसे किसी अनजान व्यक्ति के साथ पार्किंग या सुनसान जगह पर नहीं जाना चाहिए। उसे वहीं सुरक्षित जगह पर रुककर काउंटर, सिक्योरिटी डेस्क या किसी जिम्मेदार कर्मचारी से मदद मांगनी चाहिए।

बच्चों को भरोसा दें

बच्चों को यह भरोसा होना चाहिए कि अगर कोई बात उन्हें डराती या असहज करती है तो वे बिना डरे माता पिता को बता सकते हैं। खासकर अगर कोई व्यक्ति कहे कि यह बात मम्मी पापा को मत बताना, तो बच्चे को इसे छिपाने के बजाय तुरंत किसी भरोसेमंद बड़े से बात करनी चाहिए।

Updated on:
29 Sept 2026 09:38 am
Published on:
29 Sept 2026 09:18 am