'City of Suhaag' Firozabad : भारत में चूड़ियों का सुहाग कि निशानी माना जाता है लेकिन अब जमाना बदल गया है यहां जब तक कुछ नया नहीं आता बिकता नहीं है अब चूड़ियां सुहाग के साथ साथ फैशन का भी ट्रेंड़ बन गया है। आज के समय चूड़ियां श्रंगार का अहम हिस्सा माना जा
'City of Suhaag' Firozabad : भारत में चूड़ियों का सुहाग कि निशानी माना जाता है लेकिन अब जमाना बदल गया है यहां जब तक कुछ नया नहीं आता बिकता नहीं है अब चूड़ियां सुहाग के साथ साथ फैशन का भी ट्रेंड़ बन गया है। आज के समय चूड़ियां श्रंगार का अहम हिस्सा माना जाने लगा है।
आज हम बात करेंगे एक शहर के बारे में जहां कि चूड़ियां पहनना हर किसी का सपना होता है और हर कोई चाहता है मेरे हाथों में यहां की चुडियां हो। फिरोजाबाद की मशहूर चूड़ियां जिसके चलते इस शहर को City of Bangles के नाम से भी जाना जाता है। फिरोजाबाद के बाजार में आपको चूड़ियों की एक रंगीन दुनिया देखने को मिलेगी जहां हर गली आपको नए रंगों और डिजाइनों से रूबरू कराती है।
उत्तर प्रदेश अपने कारनामों से हमेंशा सुर्खियों में रहता है चाहे वहां की गुंडागर्दी हो चाहे वहां पर्यटन स्थल लेकिन आज हम बात करेंगे वहां की फैमश चूड़ियां जिसका हर कोई दिवाना है।
उत्तर प्रदेश का फिरोजाबाद ('City of Suhaag' Firozabad) शहर कांच की चूड़ियों के लिए सदियों से जाना जाता है। 'सुहाग नगरी' के नाम से विख्यात इस शहर की चूड़ियां भारतीय महिलाओं के सौंदर्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं और यह देश की सांस्कृतिक धरोहर का भी अभिन्न हिस्सा हैं। कांच की इन पारंपरिक चूड़ियों में समय के साथ नए प्रयोग होते रहे हैं और यह परंपरा आज भी जीवित है। आइए इस लेख में इसके विशेषताओं के बारे में विस्तार से जानते हैं।
फिरोजाबाद ('City of Suhaag' Firozabad) के कारीगर पारंपरिक और आधुनिक डिजाइनों का समावेश करते हुए महिलाओं के लिए चूड़ियों का निर्माण कर रहे हैं। चाहे वह नवीनतम कुंदन चूड़ियां हों या फ्यूजन ज्वेलरी के साथ मेल खाने वाली चूड़ियां, फिरोजाबाद में हर प्रकार की चूड़ियां उपलब्ध हैं। वास्तव में, चूड़ियों के प्रेमियों के लिए फिरोजाबाद एक अद्भुत स्थान है। घंटाघर के निकट बोहरान गली में स्थित यह बाजार देश की सबसे बड़ी चूड़ी मार्केट के रूप में प्रसिद्ध है।
फिरोजाबाद ('City of Suhaag' Firozabad) में चूड़ियों का निर्माण एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें कई चरणों का समावेश होता है। सबसे पहले, उच्च गुणवत्ता वाली रेत, सोडा ऐश और कैल्साइट को मिलाकर एक मिश्रण तैयार किया जाता है। इसके बाद, इस मिश्रण में विभिन्न रंगों के लिए अलग-अलग रसायनों को मिलाया जाता है। फिर इस मिश्रण को भट्टी में गर्म करके पिघलाया जाता है और अंत में इसे चूड़ियों के आकार में ढाला जाता है।
फिरोजाबाद में चुड़ियों का इतिहास पुराना है और यहां इसका कारोबार लगभग 200 से अधिक पहले से चल रहा है। इस शहर ने धीरे धीरे चूड़ियों को अपना केंद्र बना लिया और आज यह दुनिया में कांच की चूड़ियों का सबसे बड़ा निर्माता है।
इस उद्योग को लेकर कहा जाता है कि इसकी शुरुआत हाजी रुस्तम नामक एक कारीगर ने 1920 के दशक में की थी। हाजी रुस्तम को फिरोजाबाद में कांच उद्योग का पिता कहा जाता है। हाजी रुस्तम के प्रयासों से फिरोजाबाद में कांच की चूड़ियों का उत्पादन शुरू हुआ और धीरे-धीरे यह शहर चूड़ियों के लिए प्रसिद्ध हो गया।