
Clove Sleep Trick Fact Check: इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर मुंह में लौंग लेकर सोने का ट्रेंड आपने भी शायद देखा होगा। दरअसल, लोग अच्छी नींद के लिए ऐसा कर रहे हैं। हालांकि, किसी भी ट्रेंड को आंखें मूंदकर फॉलो करने से पहले उसके पीछे का सच जान लेना चाहिए। डॉ. शिवाकुमार दमम (General Physician, Mental Health) ने 'पत्रिका' को इस ट्रेंड का सच बताया है।
यह घरेलू नुस्खा इन दिनों खूब वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि रात को सोने से पहले मुंह में एक हल्की चबाई हुई लौंग (Clove) रखने से नींद बहुत गहरी और अच्छी आती है। इंटरनेट पर लोग इसे 'मैजिकल स्लीप ट्रिक' कह रहे हैं।
डॉ. दमम कहते हैं कि नींद लाने के लिए लोग कई तरह के नुस्खे आजमाते हैं। जबकि, सबसे पहले नींद न आने के मुख्य कारण को समझना होगा और उसके आधार पर ही कोई उपचार किया जाना चाहिए। अगर नींद न आने का कारण पेट की किसी बीमारी से जुड़ा है, तो लौंग कैसे राहत दे सकती है? ठीक इसी तरह, यदि कारण मानसिक तनाव या दिमागी परेशानी से जुड़ा है, तो क्या लौंग इसके लिए सही दवा है? इस बात को समझना बेहद जरूरी है। इसलिए, सबसे पहले आपको डॉक्टर से सलाह लेकर ही कोई कदम उठाना चाहिए।
इसके बड़े खतरे को समझाते हुए वह कहते हैं कि यदि आपने सोने से पहले मुंह में लौंग रख ली, तो रात में गहरी नींद के दौरान यह गले या सांस की नली में अटक सकती है। इसलिए, इस तरह के खतरनाक वायरल ट्रेंड से दूर रहना जरूरी है, क्योंकि यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।
डॉ. कुणाल सूद (Dr. Kunal Sood, MD) बताते हैं कि लौंग को लेकर किए गए बड़े और मजबूत वैज्ञानिक दावे इसके गाढ़े अर्क (Concentrated Extracts) पर आधारित हैं, न कि पानी में मिलाकर तैयार की गई हल्की ड्रिंक या महज एक लौंग चबाने पर।
वह बताते हैं कि सोने से पहले गुनगुना लौंग का पानी पीना आपको थोड़ा आराम और सुकून (Soothing Effect) जरूर दे सकता है। लेकिन अगर आप सचमुच अपनी नींद में स्थाई सुधार देखना चाहते हैं, तो इसके लिए एक सही लाइफस्टाइल और बेहतर स्लीप हैबिट्स (Consistent Sleep Routine) ही सबसे ज्यादा काम आती हैं।
मेडिकल जर्नल्स के PMIDs (PMID: 38163240, PMID: 25182278) के शोध भी यही बताते हैं। यह रिसर्च यूजेनॉल और इसके एक्टिव कंपाउंड्स के न्यूरोप्रोटेक्टिव और रिलैक्सेशन प्रभावों को दर्शाती है। साथ ही यह लौंग के अर्क के एंटी-स्ट्रेस और सेंट्रल नर्वस सिस्टम (CNS) को शांत करने वाले गुणों से जुड़ी है।
लौंग में यूजेनॉल (Eugenol) नाम का एक मुख्य प्राकृतिक कंपाउंड पाया जाता है, जो अपने एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाना जाता है। मसूड़ों के दर्द या दांत के दर्द में यह राहत देने का काम जरूर करता है, जिससे शरीर को थोड़ा आराम (Relaxation) महसूस हो सकता है। लेकिन इसे अनिद्रा (Insomnia) या नींद की गंभीर समस्याओं का स्थाई इलाज नहीं माना जा सकता।
डॉक्टर्स और मेडिकल शोधों में इस बात का कोई प्रामाणिक आधार नहीं मिला है कि लौंग को मुंह में लेकर सोने से नींद बेहतर आती है। इसके उलट, डॉक्टर्स ने इस तरीके को अपनाने पर सांस की नली ब्लॉक होने जैसे गंभीर खतरों की आशंका जताई है।