Curd Vs Buttermilk: दूध से बनी चीजें जैसे दही और छाछ हमारी रोजमर्रा की डाइट का अहम हिस्सा हैं। लेकिन सवाल यह है कि रात के समय दही खाना सही है या छाछ? आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।
Curd Vs Buttermilk: रात का खाना हल्का और पचने में आसान होना चाहिए ताकि नींद बेहतर आए और शरीर को ठीक से रिकवरी का समय मिले। ऐसे में दही और छाछ दोनों हेल्दी विकल्प माने जाते हैं, लेकिन अक्सर लोग कंफ्यूज रहते हैं कि सोने से पहले इनमें से कौन-सा लेना ज्यादा फायदेमंद होगा। दही पेट को शांत करता है और प्रोटीन देता है, वहीं छाछ हल्का और कूलिंग होने के साथ पाचन में मदद करती है। सही विकल्प चुनना सिर्फ पेट के लिए नहीं, बल्कि नींद, मेटाबॉलिज्म और हाइड्रेशन के लिए भी जरूरी है।
अगर रात के खाने के बाद कुछ हल्का और पचने में आसान लेना चाहते हैं, तो छाछ दही से ज्यादा बेहतर विकल्प मानी जाती है। यह पेट पर बोझ नहीं डालती और नींद को भी प्रभावित नहीं करती। वहीं दही दिन के समय, खासकर दोपहर में खाना ज्यादा फायदेमंद रहता है।वहीं आयुर्वेद के अनुसार रात में दही खाना ज्यादा सही नहीं माना जाता, क्योंकि यह कफ बढ़ा सकता है। इससे सर्दी-खांसी, गले में बलगम और भारीपन महसूस हो सकता है। खासकर जिन लोगों को पहले से ही कफ या साइनस की समस्या रहती है, उन्हें रात में दही से बचना चाहिए।