
Bathroom Cleaning Tip: बाथरूम की बाल्टी, मग, नल और शॉवर पर पानी सूखने के बाद सफेद रंग की परत या दाग दिखाई देने लगते हैं। कई बार रोज सफाई करने के बाद भी ये निशान आसानी से नहीं जाते। पानी में मौजूद मिनरल्स सतह पर जमते रहते हैं और समय के साथ इनकी परत मोटी हो जाती है। ऐसे में कुछ आसान घरेलू तरीकों की मदद से इन दागों को कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं बाथरूम की अलग अलग चीजों पर जमी हार्ड वाटर की परत कैसे साफ कर सकते हैं।
प्लास्टिक की बाल्टी और मग पर पानी के सफेद निशान जम गए हैं तो सबसे पहले इन्हें साफ करने के लिए पानी से गीला कर लें। इसके बाद थोड़े पानी में बेकिंग सोडा मिलाकर पेस्ट तैयार करें और इसे दाग वाली जगह पर लगाएं। कुछ देर बाद मुलायम स्क्रबर या पुराने टूथब्रश से हल्के हाथों से रगड़ें और फिर साफ पानी से धो लें। अगर दाग पूरी तरह साफ न हों तो इस प्रक्रिया को दोबारा किया जा सकता है।
बाल्टी या मग पर हल्के हार्ड वाटर के दाग हैं तो नींबू का रस इस्तेमाल भी किया जा सकता है। इसे दाग वाली जगह पर लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ दें और फिर मुलायम स्क्रबर से हल्के हाथों से साफ करें। इसके बाद साफ पानी से धोकर सूखे कपड़े से पोंछ दें। नींबू के अलावा सफेद सिरके का इस्तेमाल भी मिनरल की हल्की परत को ढीला करने के लिए किया जा सकता है। हालांकि, किसी भी नई या खास तरह की सतह पर इसे लगाने से पहले छोटे हिस्से पर जांच कर लेना बेहतर है।
शॉवर के छोटे छोटे छेदों में हार्ड वाटर के मिनरल्स जमा होने से पानी की धार सही से नहीं आती है या अलग अलग दिशा में निकल सकती है। ऐसे में एक पुराने टूथब्रश को सफेद सिरके में डुबोकर शॉवर के छेदों और आसपास जमी परत को धीरे धीरे साफ करें। इसके बाद शॉवर में गर्म पानी चलाकर अंदर फंसी ढीली परत को बाहर निकाल दें।
अगर शॉवरहेड को निकालना संभव है या उसके आसपास सिरके का घोल लगाना आसान है तो बराबर मात्रा में सफेद सिरका और पानी मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। शॉवरहेड को इस घोल में करीब 15 से 20 मिनट तक भिगोया जा सकता है और जरूरत होने पर समय करीब एक घंटे तक रखा जा सकता है। इसके बाद साफ पानी से अच्छी तरह धोकर शॉवर चलाएं। ध्यान दें, पॉलिश किए हुए पीतल या दूसरी खास फिनिश वाले शॉवरहेड को लंबे समय तक सिरके में भिगोने से बचें, क्योंकि इससे उसकी फिनिश को नुकसान हो सकता है। ऐसी सतह पर सिरके के घोल में ब्रश डुबोकर सिर्फ जमी परत वाले हिस्से को साफ करना बेहतर है।
शॉवरहेड के साथ ही बाथरूम में लगे नल पर भी सफेद परत जम जाती है। ऐसे में सतह पर जमी हार्ड वाटर की परत को साफ करने के लिए पानी और सफेद सिरके को बराबर मात्रा में मिलाकर एक साफ कपड़ा भिगोएं और उसे नल पर लपेट दें। करीब 10 मिनट के लिए इसे छोड़ दें। इसके बाद मुलायम कपड़े या नरम ब्रश से हल्के हाथों से साफ करें। आखिर में साफ पानी से नल को धोकर सूखे कपड़े से पोंछ दें।
टाइल या शॉवर की दीवार पर हार्ड वाटर के सफेद निशान हैं तो सफेद सिरके और पानी का घोल इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे प्रभावित जगह पर लगाकर कुछ देर छोड़ें और फिर मुलायम कपड़े या स्क्रबर से साफ करें। इसके बाद पानी से अच्छी तरह धो लें। हालांकि, अगर टाइल या आसपास की सतह संगमरमर, ग्रेनाइट या किसी दूसरी प्राकृतिक पत्थर की है तो सिरका या नींबू जैसे एसिड वाले पदार्थ इस्तेमाल करने से बचें। ऐसी सतहों के लिए निर्माता के बताए क्लीनर का इस्तेमाल करना बेहतर है।
शॉवर के कांच पर जमी सफेद परत को हटाने के लिए सफेद सिरके और पानी का घोल इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे कांच पर लगाकर कुछ देर छोड़ें और फिर माइक्रोफाइबर कपड़े से साफ करें। जिद्दी दाग होने पर बहुत नरम स्क्रबर से हल्के हाथों से सफाई करें। इसके बाद कांच को साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखा दें। हार्ड वाटर के दाग कांच पर दोबारा न जमें, इसके लिए सफाई के बाद पानी की बूंदों को पोंछना भी जरूरी है।
बाथरूम की सतह पर पानी जितनी देर तक जमा रहेगा, उतनी ही आसानी से पानी में मौजूद मिनरल्स वहां निशान छोड़ सकते हैं। इसलिए नहाने या बाथरूम इस्तेमाल करने के बाद नल, शॉवर और कांच पर जमा पानी को मुलायम सूखे कपड़े या माइक्रोफाइबर कपड़े से पोंछ दें। बाल्टी और मग को भी इस्तेमाल के बाद खाली करके सूखा रखने की कोशिश करें। नियमित सफाई करने से मिनरल्स की परत ज्यादा मोटी होने से पहले ही साफ की जा सकती है।
सिरका और नींबू जैसे एसिड वाले पदार्थ हर तरह की सतह के लिए सही नहीं होते। खासकर संगमरमर, ग्रेनाइट और कुछ खास धातु या कोटिंग वाली सतहों पर इनसे नुकसान हो सकता है। इसलिए किसी नई सतह पर इस्तेमाल करने से पहले छोटे और छिपे हिस्से पर जांच कर लें।