India Coconut Production: केंद्रीय बजट 2026 में नारियल को बढ़ावा देने का ऐलान किसानों की आय, पोषण सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की रणनीति को दर्शाता है।नारियल अब पूजा या रसोई तक सीमित न रहकर एक हाई-वैल्यू क्रॉप बन चुका है।
India Coconut Production:बजट पेशी के दौरान जब वित्त मंत्री ने नारियल प्रमोशन पर खास जोर दिया, तो इस सुपरफ्रूट एक बार फिर चर्चा में आ गया। नारियल न सिर्फ भारतीय खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है, बल्कि पोषण के लिहाज से भी इसे बेहद फायदेमंद माना जाता है। इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर एनर्जी और हाइड्रेशन तक, नारियल के कई ऐसे गुण हैं जो इसे रोजमर्रा की डाइट में खास बनाते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर बजट में नारियल को बढ़ावा देने के पीछे सरकार की क्या सोच है और इसके पोषण फायदे क्या हैं।
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में बताया कि सरकार नारियल जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को इसलिए बढ़ावा दे रही है ताकि किसानों की आय में इजाफा हो, कृषि उत्पादन में विविधता आए, उत्पादकता बढ़े और ग्रामीण इलाकों में नए रोजगार के अवसर पैदा हों। इसी दिशा में Coconut Promotion Scheme की घोषणा की गई है, जिसे Coconut Development Board के मार्गदर्शन में लागू किया जाएगा। इस योजना के तहत पुराने और कम उत्पादन देने वाले नारियल के पेड़ों को हटाकर उन्नत और अधिक पैदावार देने वाली किस्में लगाई जाएंगी, साथ ही टिकाऊ खेती, वैल्यू एडिशन और बेहतर मार्केट कनेक्टिविटी पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
कर्नाटक, भारत पहले से ही दुनिया का सबसे बड़ा नारियल उत्पादक देश है। करीब 3 करोड़ लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस सेक्टर से जुड़े हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार की इस नई पहल से नारियल बाजार और तेजी से बढ़ेगा, जिससे लगभग 1 करोड़ नारियल किसानों को आर्थिक और आजीविका से जुड़े नए अवसर मिल सकते हैं।
वर्ष 2023-24 के आंकड़ों के अनुसार, कर्नाटक ने 4,232.61 हजार मीट्रिक टन नारियल का उत्पादन किया, जो देश के कुल उत्पादन का 28.78 प्रतिशत है। अनुकूल जलवायु, बेहतर सिंचाई व्यवस्था और आधुनिक कृषि तकनीकों ने कर्नाटक को नारियल उत्पादन में शीर्ष स्थान दिलाया है। यहां के किसान अब केवल कच्चे नारियल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नारियल तेल, कोपरा, नारियल पानी और अन्य मूल्यवर्धित उत्पादों पर भी तेजी से फोकस कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी हो रही है।
नारियल में पाए जाने वाले मीडियम-चेन ट्राइग्लिसराइड्स (MCTs) शरीर को जल्दी ऊर्जा देते हैं। ये मेटाबॉलिज्म सुधारने, पाचन तंत्र को मजबूत करने और लंबे समय तक एनर्जी बनाए रखने में मदद करते हैं।
नारियल पानी एक नेचुरल हाइड्रेशन ड्रिंक है। इसमें मौजूद पोटैशियम, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स दिल और मांसपेशियों की सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं, खासकर शारीरिक गतिविधि के बाद।
नारियल का गूदा डायटरी फाइबर से भरपूर होता है, जो पाचन सुधारता है, पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और वजन नियंत्रण में मदद करता है।
नारियल तेल में प्राकृतिक एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं। सीमित मात्रा में उपयोग करने पर यह पारंपरिक भारतीय खानपान का एक स्वस्थ हिस्सा हो सकता है।