Food Tester Job Weight Gain Bonus: अगर कोई कहे कि नौकरी सिर्फ खाना खाने की है और बदले में लाखों रुपये मिलेंगे, तो यह मज़ाक लगेगा लेकिन चीन में यह सच है।फूड टेस्टर या सेंसरी इवैल्यूएशन इंजीनियर की यह नौकरी बाहर से ड्रीम जॉब लगती है, मगर इसके पीछे कड़ी जिम्मेदारियां और बड़ा फोकस छिपा है।
Food Tester Job Weight Gain Bonus: चीन में इन दिनों एक बेहद अनोखी नौकरी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां काम है सिर्फ खाना और बदले में मिलती है मोटी सैलरी। इस जॉब को ‘फूड टेस्टर’ कहा जा रहा है, जिसमें कर्मचारियों को बाजार में लॉन्च होने से पहले नए फूड प्रोडक्ट्स का स्वाद, बनावट, खुशबू और लुक टेस्ट करके उसकी रिपोर्ट तैयार करनी होती है। इस नौकरी की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बार-बार खाना चखने की वजह से अगर किसी कर्मचारी का वजन बढ़ता है, तो कंपनी उसे नुकसान नहीं बल्कि फायदा मानती है। ऐसे कर्मचारियों को ‘वेट गेन सब्सिडी’ के तौर पर अतिरिक्त बोनस दिया जाता है, जिससे यह नौकरी और भी वायरल हो गई है।
फूड टेस्टर का काम सिर्फ खाना खाना नहीं होता। इन्हें बड़े फूड ब्रांड्स, सुपरमार्केट चेन और फूड फैक्ट्रियों में रखा जाता है। किसी भी प्रोडक्ट को बाजार में उतारने से पहले उसका स्वाद, खुशबू, रंग, बनावट और आफ्टर-टेस्ट इन्हीं लोग जांचते हैं।रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक फूड टेस्टर की मासिक कमाई करीब 1 लाख रुपये तक हो सकती है। लेकिन इस कमाई की कीमत भी चुकानी पड़ती है। कई बार इन्हें एक ही दिन में दर्जनों आइसक्रीम या किलो-किलो भर मांस के सैंपल चखने पड़ते हैं।साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट बताती है कि कुछ टेस्टर एक सुबह में ही ढाई किलो तक खाना खा लेते हैं जो आम इंसान के पूरे दिन के खाने के बराबर होता है।
इस नौकरी की सबसे चौंकाने वाली बात है वजन बढ़ने पर मिलने वाला बोनस। लगातार अलग-अलग तरह का खाना चखने की वजह से फूड टेस्टर का वजन तेजी से बढ़ता है।कुछ मामलों में तो नौकरी के पहले ही महीने में 8–10 किलो तक वजन बढ़ गया। आमतौर पर जहां वजन बढ़ना परेशानी बनता है, वहीं यहां कंपनियां इसे मेहनत का नतीजा मानती हैं। कई जगहों पर हर आधा किलो वजन बढ़ने पर अलग से बोनस दिया जाता है, जिसे वेट गेन सब्सिडी कहा जाता है।यानी पेट भरे तो जेब भी भरती है।
फूड टेस्टर की जिम्मेदारी सिर्फ खाना चखने तक सीमित नहीं होती। हर सैंपल के बाद उन्हें एक डिटेल रिपोर्ट तैयार करनी पड़ती है, जिसमें स्वाद, बनावट, खाने के बाद मुंह में रहने वाला फ्लेवर और प्रोडक्ट का ओवरऑल लुक शामिल होता है। आसान शब्दों में कहें तो यह काम सिर्फ खाने का नहीं, बल्कि हर बाइट को फोकस और समझ के साथ, एक वैज्ञानिक नजर से परखने का है।
यह नौकरी जितनी दिलचस्प है, उतनी ही जोखिम भरी भी। कई बार टेस्टर को ऐसे फूड सैंपल भी चखने पड़ते हैं जिनमें एलर्जी या हानिकारक तत्व होने का खतरा रहता है।इसी वजह से कंपनियां टेस्टर की मेडिकल जांच पहले ही करवा लेती हैं और उनकी सेहत पर लगातार नजर रखती हैं। एक छोटी सी गलती भी लंबे समय तक स्वास्थ्य समस्या बन सकती है।