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Richest Ganesh Pandal: ये हैं देश के करोड़पति गणपति बप्पा! 67 किलो सोना, 450 करोड़ का बीमा…, जानिए खासियत

Mumbai Richest Ganesh Pandal: मुंबई के माटुंगा स्थित जीएसबी सेवा मंडल के गणपति बप्पा को देश का सबसे अमीर गणपति कहा जा रहा है। इस बार बप्पा को 67 किलो सोने और 350 किलो चांदी से सजाया गया है। मंडल ने गणेशोत्सव 2025 के लिए 450 करोड़ का बीमा कराया है।

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Aug 28, 2025
Mumbai Richest Ganesh Mandal (photo- insta @gsbsevamandalmumbai)

Mumbai Richest Ganesh Pandal: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई का गणेशोत्सव न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश-दुनिया में अपनी भव्यता और खूबसूरत सजावट के लिए जाना जाता है। हर साल यहां स्थापित गणेश प्रतिमाएं और पंडाल भक्तों को अपनी ओर खींचते हैं। इस बार भी मुंबई के माटुंगा स्थित जीएसबी सेवा मंडल के गणपति बप्पा चर्चा में हैं। वजह है बप्पा का भव्य श्रृंगार और उनके लिए कराया गया रिकॉर्ड बीमा।

जीएसबी सेवा मंडल के गणपति को देश का सबसे अमीर गणपति कहा जा रहा है। यहां बप्पा को करीब 67 किलो सोने के आभूषणों से सजाया गया है। इसके अलावा बप्पा जिस भव्य सिंहासन पर विराजमान हैं, वह 350 किलो चांदी से निर्मित है। सुरक्षा और श्रद्धा दोनों को ध्यान में रखते हुए इस बार मंडल ने गणेशोत्सव के लिए 450 करोड़ रुपए से अधिक का बीमा करवाया है। यह बीमा न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी द्वारा किया गया है, जिसमें आभूषणों और चांदी के सिंहासन के साथ-साथ स्वयंसेवकों, पुजारियों, रसोइयों, सुरक्षा गार्ड्स का दुर्घटना बीमा और किसी भी आपदा से होने वाले नुकसान का कवरेज शामिल है।

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पर्यावरण का भी ध्यान

जीएसबी सेवा मंडल सिर्फ सोने-चांदी के लिए ही नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति अपनी संवेदनशीलता के लिए भी जाना जाता है। यहां स्थापित गणपति की मूर्ति शाडू मिट्टी से बनाई जाती है, जो पूरी तरह पर्यावरण-अनुकूल होती है। रंगों में भी केवल प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। पूजा-अर्चना के दौरान रिकॉर्डेड संगीत की बजाय पारंपरिक दक्षिण भारतीय मंदिरों के वाद्य यंत्र बजाए जाते हैं, जो माहौल को और भी पवित्र और दिव्य बना देते हैं।

मान्यता और परंपरा

माटुंगा के इन गणपति बप्पा को लेकर मान्यता है कि सिर्फ उनकी एक झलक मात्र से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। दस दिनों तक चलने वाले इस भव्य उत्सव में रोजाना सुबह विशेष पूजा-अर्चना होती है। पूजा के बाद यहां नारियल तोड़ने की परंपरा है। इन नारियलों को बाद में प्रसाद के रूप में भक्तों में बांटा जाता है।

हर साल लाखों श्रद्धालु इस गणेशोत्सव में शामिल होकर गणपति बप्पा की एक झलक पाने आते हैं। सोने-चांदी से सजे और 450 करोड़ के बीमे वाले ये बप्पा न सिर्फ अपनी भव्यता से आकर्षित करते हैं बल्कि अपनी आस्था और परंपरा से भक्तों को जोड़ते हैं।

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