
Is Ghee Healthier Than Butter: घी और मक्खन दोनों ही भारतीय खानपान का हिस्सा हैं और इनका इस्तेमाल खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। लेकिन जब बात सेहत की आती है, तो अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि घी खाना ज्यादा फायदेमंद है या मक्खन। कुछ लोग घी को मक्खन का हेल्दी विकल्प मानते हैं, जबकि दोनों में कैलोरी और फैट की मात्रा भी काफी मायने रखती है। तो आखिर घी और मक्खन में क्या अंतर है और किसका सेवन कितनी मात्रा में करना बेहतर हो सकता है? आइए जानते हैं।
हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार, घी एक तरह का क्लैरिफाइड बटर यानी मक्खन है। इसे गर्म करके इसमें मौजूद पानी और दूध के ठोस हिस्सों को अलग किया जाता है। इसके बाद बचा हुआ फैट घी होता है। इसी वजह से घी में मक्खन की तुलना में फैट ज्यादा केंद्रित होता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, घी को अक्सर मक्खन से ज्यादा हेल्दी बताया जाता है, लेकिन दोनों में पोषण के स्तर पर बहुत बड़ा अंतर नहीं है। दोनों में फैट और विटामिन की मात्रा काफी हद तक समान होती है। इसलिए घी को सिर्फ कथित हेल्थ बेनिफिट्स के आधार पर मक्खन से बेहतर मानना सही नहीं है।
हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार, एक टेबलस्पून यानी करीब 14 ग्राम घी में लगभग 123 कैलोरी और 14 ग्राम फैट होता है। वहीं इतनी ही मात्रा में मक्खन में करीब 100 कैलोरी और 11 ग्राम फैट होता है। घी में सैचुरेटेड फैट भी मक्खन से थोड़ा ज्यादा होता है। इसलिए घी को ज्यादा मात्रा में खाना कम कैलोरी वाला विकल्प नहीं माना जा सकता।
हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार, घी का स्मोक पॉइंट मक्खन से ज्यादा होता है। घी का स्मोक पॉइंट करीब 250 डिग्री सेल्सियस, वहीं मक्खन का करीब 175 डिग्री सेल्सियस होता है। इसलिए बहुत ज्यादा तापमान पर खाना पकाने में घी मक्खन की तुलना में ज्यादा स्थिर रह सकता है।
हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार, घी में सैचुरेटेड फैट की मात्रा ज्यादा होती है। जिन लोगों में ज्यादा सैचुरेटेड फैट लेने से LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, उन्हें घी और मक्खन का सेवन सीमित रखने की जरूरत हो सकती है। जरूरत से ज्यादा घी खाने से कैलोरी की मात्रा बढ़ सकती है और वजन बढ़ने का खतरा भी हो सकता है।
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, घी और मक्खन में से किसी एक को सिर्फ हेल्थ बेनिफिट के आधार पर चुनने की जरूरत नहीं है। दोनों का सेवन संतुलित मात्रा में किया जा सकता है। अगर किसी को घी का स्वाद पसंद है या खाना पकाने के लिए इसका इस्तेमाल करना है तो इसे सीमित मात्रा में डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। वहीं मायो क्लिनिक (Mayo Clinic) के मुताबिक, पूरी डाइट में फैट के प्रकार पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। खासकर सैचुरेटेड फैट की जगह अनसैचुरेटेड फैट वाले विकल्पों को प्राथमिकता देना हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद हो सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर लिखा गया है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी प्रदान करना है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या डाइट में बदलाव करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।