AIIMS Delhi की स्टडी में पता चला है कि मजबूत हड्डियों के लिए गट बैक्टिरिया भी जरूरी हैं। इस शोध के कारण हड्डियों की बीमारी ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) के इलाज को लेकर नई उम्मीद नजर आ रही है।
Gut Bacteria Good for Strong Bones : अक्सर कमजोर हड्डी को लेकर कहा जाता है कि कैल्शियम की कमी से हो रहा होगा। साथ ही एक्सरसाइज की सलाह दी जाती है। पर, एम्स, दिल्ली (AIIMS Delhi) की एक शोध में इसका नाता एक बैक्टिरिया से जुड़ रहा है। शोधकर्ताओं द्वारा की गई यह स्टडी हड्डियों की सेहत और हमारे पेट के बैक्टीरिया के बीच एक गहरा संबंध बताती है।
एम्स के शोधकर्ताओं ने पाया है कि हमारे पेट (Gut) में मौजूद बैक्टीरिया और उनसे निकलने वाले कुछ तत्व ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) जैसी हड्डियों की बीमारी को रोकने में मददगार साबित हो सकते हैं।
यह शोध डॉ. रूपेश श्रीवास्तव (Dr Rupesh K Srivastava) और उनकी टीम द्वारा किया गया है। उन्होंने पेट में प्राकृतिक रूप से बनने वाले एक तत्व 'डीऑक्सीकोलिक एसिड' (DCA) पर ध्यान केंद्रित किया।
DCA एक ऐसा 'बाइल एसिड' है जो पेट के अच्छे बैक्टीरिया द्वारा बनाया जाता है। यह हड्डियों की मजबूती को बढ़ाता है और सूजन (Inflammation) को कम करता है। साथ ही वैज्ञानिकों ने पाया कि DCA दो तरह से काम करता है। यह हड्डियों को गलाने वाली कोशिकाओं (Osteoclasts) को रोकता है और नई हड्डी बनाने वाली कोशिकाओं (Osteoblasts) को बढ़ावा देता है।
शोध में देखा गया कि ऑस्टियोपोरोसिस और कमजोर हड्डियों वाले मरीजों के शरीर में इस एसिड (DCA) का स्तर काफी कम था। इस तरह से शोध ने गट बैक्टिरिया की ओर सबका ध्यान खींचा।
डॉ. श्रीवास्तव के अनुसार, पेट के स्वास्थ्य का सीधा असर हमारी हड्डियों के घनत्व (Bone Density) पर पड़ता है। शरीर में होने वाली सूजन हड्डियों के टूटने की प्रक्रिया को तेज कर देती है। पेट के अच्छे बैक्टीरिया इस सूजन को कम करके हड्डियों को सुरक्षित रखते हैं।
फिलहाल यह अध्ययन चूहे के मॉडल पर किया गया है, लेकिन इसके परिणाम काफी उत्साहजनक हैं। भविष्य में दो तरीकों से ऑस्टियोपोरोसिस का इलाज सीधे तौर पर DCA सप्लीमेंट देकर भी हो सकता है।
प्रोबायोटिक्स का उपयोग करने से पेट में इन अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़ सकती है। डॉ. श्रीवास्तव का कहना है कि भविष्य में हड्डियों की बीमारियों के इलाज का तरीका बदल सकता है। अब 'कैल्शियम' के साथ-साथ 'पेट की सेहत' का ख्याल रखना भी उतना ही जरूरी होगा।