Kaccha Lahsun Khane Ke Fayde : क्या आप जानते हैं कि रोज सुबह खाली पेट लहसुन की एक कली खाने से आप हार्ट अटैक और डायबिटीज जैसी बीमारियों से बच सकते हैं? जानिए कच्चे लहसुन के फायदे और इसे खाने का सही तरीका।
Benefits Of Eating Garlic: रसोई में तड़के के लिए यूज होने वाला लहसुन सिर्फ टेस्ट में ही बेस्ट नहीं है, बल्कि आयुर्वेद में इसे एक शक्तिशाली औषधि माना गया है। पुराने समय में वैद्य लहसुन को कई बीमारियों के इलाज के रूप में देते थे। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अगर आप खुद को फिट रखना चाहते हैं, तो कच्चा लहसुन आपकी हेल्थ के लिए किसी औषधि से कम नहीं है। आइए जानते हैं कच्चा लहसुन खाने को वो 5 बड़े फायदे कौनसे हो सकते हैं।
कच्चे लहसुन में एलिसिन नाम का एक एलिमेंट होता है। यह एंटी बायोटिक की तरह काम करता है। अगर आपको बार-बार सर्दी, खांसी या वायरल इंफेक्शन होता है, तो रोज लहसुन खाना शुरू कर सकते हैं। यह बॉडी की इम्युनिटी पॉवर को बहुत स्ट्रांग बना सकता है।
आजकल हार्ट अटैक के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। कच्चा लहसुन कोलेस्ट्रॉल को कम करने और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने में मदद कर सकता है। यह धमनियों(Arteries) में खून के थक्के (Clots) जमने से रोकता है, जिससे ब्लड़ फ्लो अच्छा होता है और हार्ट हेल्दी बना रहता है।
गलत खान-पान की वजह से शरीर में गंदे टॉक्सिन्स जमा हो जाते हैं। लहसुन हमारे लीवर को एक्टिव कर सकता है, जिससे बॉडी की सारी गंदगी पसीने और यूरिन से बाहर निकल जाती है। इससे आपकी स्किन भी ग्लो करने लगती है।
अगर आप गैस, कब्ज या ब्लोटिंग (पेट फूलना) से परेशान रहते हैं, तो कच्चा लहसुन आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। यह आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है और डाइजेशन को अच्छा करता है। इसे आप सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुने पानी के साथ ले सकते हैं।
डायबिटीज के मरीजों के लिए कच्चा लहसुन बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। यह इंसुलिन के लेवल को बैलेंस करता है, जिससे शुगर लेवल अचानक नहीं बढ़ता। जो लोग प्री-डायबिटिक हैं, उनके लिए यह सुरक्षा कवच की तरह काम कर सकता है।
लहसुन का पूरा फायदा लेने के लिए इसे सीधा निगलने के बजाय हल्का-सा कुचल (Crush) लें और 10 मिनट के लिए छोड़ दें। इससे एलिसिन एक्टिव हो जाता है। फिर इसे पानी या थोड़े से शहद के साथ खाएं।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।