
Nail Extension: लंबे आकार और खूबसूरत डिजाइन वाले नेल पेंट लगे नाखून लगभग सभी महिलाओं को पसंद होते हैं। लेकिन घर के कामों के चलते या छोटे बच्चों की देखभाल करने की वजह से चाहकर भी वे लंबे नाखून नहीं रख पाती हैं। वहीं, जिनके नाखून नेचुरली लंबे होते हैं, वे उनकी सही से देखभाल न कर पाने की वजह से बेकार दिखने लगते हैं। ऐसे में नेल एक्सटेंशन एक ऐसा रास्ता है जिससे आप अपने हाथों को खूबसूरत दिखा सकते हैं। इसलिए आज की स्टोरी में आइए नेल एक्सटेंशन कितने तरह के होते हैं, इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
आज के समय में सबसे ज्यादा महिलाएं प्रेस-ऑन नेल्स लगाना पसंद कर रही हैं। ये बजट में मिलने के साथ ही बाजार में कई तरह के रंगों, आकारों, लंबाई और शानदार डिजाइनों में उपलब्ध होते हैं। इन्हें घर पर ही नेल ग्लू की मदद से नेचुरल नाखूनों के ऊपर चिपकाना होता है। इनके इस्तेमाल से पार्लर का खर्च और समय दोनों बच जाते हैं। इसके साथ ही इन्हें सुरक्षित रूप से निकालकर कई बार दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है।
ऐसे में अगर आप छोटे बच्चों की देखभाल या घर के कामों में परेशानी होने के चलते परमानेंट नेल एक्सटेंशन नहीं करवाती हैं, तो आपके लिए यह बेस्ट ऑप्शन है। इन्हें जब चाहे आसानी से लगाया और हटाया जा सकता है, जिससे रोजमर्रा के कामों में दिक्कत नहीं आती।
ऐक्रेलिक नेल्स मजबूत और नेल एक्सटेंशन के सबसे लोकप्रिय तरीकों में से एक है। इसमें नेल टेक्नीशियन ब्रश को मोनोमर और पाउडर पॉलीमर में डुबोकर एक पेस्ट बनाती है और उसे नेचुरल नाखून या प्लास्टिक टिप पर लगाकर मनचाहा शेप दे देती है। इसके बाद यह हवा के संपर्क में आने के चलते सूखकर सख्त हो जाता है। जिसके बाद नेल टेक्नीशियन इसे मनचाहा शेप देकर नेल आर्ट करती है।
ऐक्रेलिक एक्सटेंशन लंबे समय तक चलते हैं, इसलिए ये उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प हैं जिनके नेचुरल नाखून जल्दी टूट जाते हैं और उन्हें लंबे नाखून रखने का शौक है। लेकिन ध्यान दें, इसे एक बार कराने के बाद जैसे-जैसे प्राकृतिक नाखून बढ़ते हैं, इनके बीच गैप आ जाता है, जिसे भरने (Refill) के लिए 2-3 सप्ताह में सैलून जाना पड़ता है। इसके साथ ही इन्हें हटाने के लिए भी सैलून जाना पड़ता है।
जेल एक्सटेंशन करने के दौरान नेल टेक्नीशियन सबसे पहले नाखूनों को साफ करके फाइल (बफ) करने के बाद प्राइमर लगाकर नकली नाखूनों के नीचे एक चिपकने वाला स्टिकर (नेल फॉर्म) लगाया जाता है। इसके बाद बिल्डर जेल (Builder Gel) की एक परत लगाकर हाथों को कुछ सेकंड के लिए यूवी लैंप के नीचे रखा जाता है। एक्सटेंशन के सूखने के बाद नाखूनों को मनचाहा आकार देकर उन पर नेल पेंट या आर्ट की जाती है।
ऐक्रेलिक नाखूनों की तुलना में जेल एक्सटेंशन देखने में ज्यादा नेचुरल लगते हैं।लेकिन ध्यान दें कि नाखूनों के बढ़ने पर इन्हें'रिफिल' (Refill) कराने की आवश्यकता होती है।
अस्वीकरण: नेल एक्सटेंशन के दौरान इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की साफ-सफाई न होने पर गंभीर फंगल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन का खतरा हो सकता है। अतः, किसी भी प्रक्रिया को करवाने से पहले हमेशा सुनिश्चित करें कि सैलून पूरी तरह से स्वच्छ हो और यदि आपको नाखूनों में कोई भी इन्फेक्शन या दर्द महसूस हो, तो तुरंत पेशेवर सलाह लें।