Jeera Saunf Methi Kala Namak Benefits: आजकल खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खानपान की वजह से शरीर में टॉक्सिन्स जमा होना आम बात हो गई है। ऐसे में अगर आप बिना दवा के बॉडी को अंदर से साफ रखना चाहते हैं, तो जीरा, सौंफ, मेथी और काला नमक से बना पानी आपके लिए एक असरदार घरेलू उपाय साबित हो सकता है।
Jeera Saunf Methi Kala Namak Benefits: आजकल गलत खानपान और अनियमित लाइफस्टाइल की वजह से शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं, जिससे गैस, अपच, थकान और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में जीरा, सौंफ, मेथी और काला नमक से बना यह खास ड्रिंक शरीर की अंदरूनी सफाई में मदद करता है। सही समय पर इसका सेवन करने से डाइजेशन बेहतर होता है और शरीर हल्का महसूस करता है। आइए जानते हैं इसके फायदे और इसे पीने का सही समय।
जी हां, यह देसी ड्रिंक शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायक माना जाता है। जीरा, सौंफ और मेथी में मौजूद प्राकृतिक गुण पाचन तंत्र को मजबूत करते हैं और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाते हैं। वहीं काला नमक गैस, अपच और ब्लोटिंग जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करता है। नियमित सेवन से लिवर और किडनी को भी सपोर्ट मिलता है, जिससे शरीर खुद को बेहतर तरीके से डिटॉक्स कर पाता है।
एक गिलास पानी में 1 छोटा चम्मच जीरा, 1 छोटा चम्मच सौंफ और आधा छोटा चम्मच मेथी दाना डालकर इसे रातभर भिगो दें। सुबह इस पानी को हल्का उबाल लें, फिर छानकर इसमें स्वादानुसार चुटकी भर काला नमक मिला लें। जब पानी गुनगुना रह जाए, तब इसका सेवन करें।इसके अलावा, इसका चूर्ण बनाकर सेवन करना भी काफी फायदेमंद होता है। इसके लिए मेथी दाना, जीरा और सौंफ को अच्छी तरह हल्का रोस्ट कर लें। ठंडा होने पर इन्हें पीसकर पाउडर बना लें और किसी एयरटाइट डिब्बे में रख लें। रोजाना गुनगुने पानी के साथ या स्वादानुसार काला नमक मिलाकर इसका सेवन किया जा सकता है।
इस ड्रिंक को सुबह खाली पेट पीना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। रोजाना सेवन करने से धीरे-धीरे शरीर हल्का महसूस होने लगता है और पाचन से जुड़ी समस्याओं में सुधार दिखता है।
अगर आपको लो ब्लड प्रेशर, गर्भावस्था या कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, तो इसका नियमित सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।