Maharashtra Winter Food: मकर संक्रांति का तिल-गुड़ हो या खेतों का ताजा हुरडा, महाराष्ट्र के ये ट्रेडिशनल व्यंजन सर्दियों में शरीर को गजब के स्वाद के साथ एनर्जी भी देता है। जानिए महाराष्ट्र के वो खास विंटर सुपरफूड्स जिसे खाकर आपको मजा आ जाएगा।
Maharashtra Winter Food: महाराष्ट्र में भले ही ठंड़ कम पड़ती हो, लेकिन यहां का विंटर फूड़ स्वाद में जायका जोड़ देता है। चाहे अब वो वहां की थालीपीठ हो या मीठा तिल- गुड़ जो मुंह में जाते ही घुल- सा जाता है। इसलिए यहां का विंटर फूड न केवल अपनी वैरायटी के लिए फेमस है, बल्कि यह सेहत के विज्ञान से भी जुड़ा है। अगर आप भी इस सर्दी महाराष्ट्र के असली स्वाद का मजा लेना चाहते हैं, तो इन डिशेज को मिस न करें।
सर्दियों में महाराष्ट्र के गांव वाले एरिया में हुरडा पार्टी का जश्न मनाया जाता है। ज्वार के कच्चे और नरम दानों को आग पर भूनकर 'हुरडा' तैयार किया जाता है। इसे लहसुन की चटनी, दही और गुड़ के साथ परोसा जाता है। यह डाइजेशन के लिए भी बहुत अच्छा है और दोस्तों-परिवार के साथ आप सर्दियों में इसका मजा ले सकते हैं।
ठंड के मौसम में बाजरे की रोटी (भाकरी) खाना हेल्द के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। बाजरे की तासीर गर्म होती है, जो शरीर को अंदर से गर्म रखता है। जब इसे चूल्हे पर भुने हुए बैंगन के भर्ते (वांग्याचे भरीत) और सफेद मक्खन के साथ खाया जाता है, तो इसका टेस्ट कई गुना बढ़ जाता है।
"तिल-गुड़ घ्या, गोड-गोड बोला", यह कहावत महाराष्ट्र में ठंड के दौरान हर घर में गूंजती है। मकर संक्रांति के आसपास बनने वाले तिल के लड्डू और चिक्की बॉडी की इम्युनिटी पॉवर को बढ़ाते हैं। तिल और गुड़ दोनों ही आयरन और कैल्शियम से भरपूर होते हैं।
सर्दियों की सुबह अगर गरमा-गरम थालीपीठ मिल जाए, तो दिन बन जाता है। इसे ज्वार, बाजरा, बेसन और गेहूं के आटे को मिलाकर बनाया जाता है। इसमें अदरक, मिर्च और प्याज का तड़का इसे और भी जायकेदार बना सकता है। यह सर्दियों के लिए एक परफेक्ट एनर्जी बूस्टर नाश्ता है।
सर्दियों में हड्डियों और जोड़ों के दर्द से बचने के लिए महाराष्ट्र में 'डिंक' यानी गोंद के लड्डू बनाए जाते हैं। शुद्ध घी, सूखे मेवे और गोंद से तैयार ये लड्डू खास तौर पर ठंड से लड़ने की पॉवर देते हैं। बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक, यह सबके लिए एक पौष्टिक सुपरफूड है।