Nail Biting Side Effects: नाखून चबाने की आदत देखने में भले ही मामूली लगे, लेकिन यह धीरे-धीरे शरीर और दिमाग दोनों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। कई लोग इसे आदत या नर्वसनेस से जोड़कर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि मेडिकल साइंस इसे एक तरह का ऑब्सेसिव-कम्पल्सिव बिहेवियर मानता है।
Nail Biting Side Effects: नाखून चबाना कई लोगों के लिए एक नॉर्मल आदत लगती है, जो अक्सर सोचते या तनाव में अपने-आप हो जाती है। मेडिकल भाषा में इसे Onychophagia कहा जाता है और इसे Compulsive behavior माना जाता है। दिखने में भले ही यह नुकसानरहित लगे, लेकिन इसके असर शरीर के अंदर तक पहुंच सकते हैं। नाखूनों के साथ मुंह में जाने वाली चीजें अक्सर नजर नहीं आतीं। यही वजह है कि ये छोटी-सी आदत चुपचाप सेहत के लिए बड़ा रिस्क बन सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। जेनेटिक कारणों से लेकर मानसिक तनाव तक, सबकी भूमिका हो सकती है। नाखून चबाना अक्सर चिंता और तनाव से जुड़ा होता है। कई लोगों को यह आदत तनाव, बोरियत, अकेलापन या घबराहट में राहत देती है। कुछ लोग तो भूख लगने पर भी अनजाने में ऐसा करने लगते हैं।
यह आदत सिर्फ नाखून खराब करने तक सीमित नहीं रहती। डॉक्टरों के अनुसार, इससे सामाजिक और मानसिक परेशानियां भी बढ़ सकती हैं, जैसे शर्मिंदगी, आत्मविश्वास में कमी और सामाजिक असहजता। शारीरिक रूप से देखें तो नाखून और आसपास की त्वचा में संक्रमण, फंगल इंफेक्शन, परजीवी और पेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। नाखूनों की गंदगी जब मुंह में जाती है, तो बैक्टीरिया सीधे शरीर के अंदर पहुंच जाते हैं। इसके अलावा जबड़े के जोड़ (TMJ) में दर्द, मसूड़ों में चोट, सूजन और बैक्टीरियल इंफेक्शन भी हो सकता है।
नाखून हमेशा छोटे और साफ रखें, ताकि चबाने की इच्छा कम हो।
कड़वे स्वाद वाली नेल पॉलिश या कड़वा तेल लगाएं।
अकेले या रात में दस्ताने पहनने की आदत डालें।
यह पहचानने की कोशिश करें कि आप किन हालात में नाखून चबाते हैं।
नाखून चबाने की जगह च्युइंग गम या सौंफ चबाने जैसी हेल्दी आदत अपनाएं।