ORS Use in Diabetes : ओआरएस पाउडर या ड्रिंक में शुगर की मात्रा होती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या डायबिटीज मरीज ORS पी सकते हैं? डॉ. प्रियंका सहरावत ( न्यूरोलॉजिस्ट और जनरल फिजिशियन) से ओआरएस और डायबिटीज को लेकर निम्नलिखित सवालों के जवाब समझ सकते हैं>
ORS Use in Diabetes : डायबिटीज मरीज कुछ भी खाने-पीने से पहले ये जरूर तय करते हैं कि ये सुरक्षित होगा या नहीं। जैसे, ओआरएस या इलेक्ट्रॉल पाउडर के फायदे बहुत हैं। लेकिन क्या ये शुगर वाले मरीजों के लिए सही है? क्योंकि, इन हेल्दी पाउडर्स में भी शुगर (चीनी) की मात्रा होती है। डॉ. प्रियंका सहरावत ( न्यूरोलॉजिस्ट और जनरल फिजिशियन) से ओआरएस और डायबिटीज को लेकर निम्नलिखित सवालों के जवाब समझ सकते हैं-
डॉ. सहरावत इंस्टाग्राम वीडियो में कहती हैं कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा सुझाए गए ORS (Oral Rehydration Salts) को डायबिटीज (मधुमेह) के मरीज सेवन कर सकते हैं। पर, कुछ बातों का ध्यान भी जरूर रखें।
डायबिटीज के मरीजों में डिहायड्रेशन (Dehydration) का खतरा अधिक होता है। यदि मरीज को दस्त (Diarrhea) या उल्टी की समस्या है, तो शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से कम होते हैं। ऐसे में ORS जीवन रक्षक साबित हो सकता है।
WHO आधारित ORS के एक पैकेट (जो 1 लीटर पानी के लिए होता है) में लगभग 13.5 ग्राम ग्लूकोज होता है। इसलिए, बताए अनुसार मात्रा में ही घोल बनाएं और सेवन करें। इस हिसाब से यह मात्रा बहुत अधिक नहीं है, लेकिन शुगर लेवल को थोड़ा बढ़ा सकती है। ORS में ग्लूकोज इसलिए डाला जाता है ताकि वह छोटी आंत में सोडियम और पानी के अवशोषण (Absorption) में मदद कर सके। बिना ग्लूकोज के ORS का असर कम हो जाता है।
डायबिटीज मरीजों के लिए गाइडलाइंस (Guidelines)
| क्या करें? | क्या न करें? |
|---|---|
| शुगर लेवल की निगरानी: ORS लेने के दौरान हर 2-4 घंटे में ब्लड शुगर चेक करें। | अत्यधिक सेवन से बचें: इसे केवल हाइड्रेशन के लिए लें, प्यास बुझाने के लिए सामान्य पानी की तरह न पिएं। |
| धीरे-धीरे पिएं: एक बार में पूरा गिलास पीने के बजाय घूंट-घूंट कर पिएं। | स्पोर्ट्स ड्रिंक या जूस: इनमें शुगर की मात्रा बहुत अधिक होती है, इन्हें बिल्कुल न लें। |
| इंसुलिन/दवा का तालमेल: अगर शुगर बढ़ती है, तो डॉक्टर से दवा की डोज़ एडजस्ट करने पर बात करें। | घर पर बना घोल: बिना माप के चीनी-नमक का घोल न बनाएं, यह खतरनाक हो सकता है। |
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।