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Diabetes Treatment: ऊंचाई पर रहने वालों को डायबिटीज का खतरा 40% हो सकता है कम, वैज्ञानिकों का खुलासा

Diabetes Treatment: वैज्ञानिक जर्नल 'नेचर कम्युनिकेशंस' (Nature Communications) के अनुसार पहाड़ों की 'पतली हवा' यानी कम ऑक्सीजन, शरीर के मेटाबॉलिज्म को रीसेट कर देती है। यह शरीर को इंसुलिन का इस्तेमाल करने में मदद करता है, जिससे शुगर प्राकृतिक रूप से नियंत्रित रहता है।

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भारत

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Nidhi Yadav

Apr 07, 2026

diabetes treatment

diabetes treatment (Image- gemini)

Diabetes Treatment: क्या आपने कभी सोचा है कि हिमालय की चोटियों या ऊंचे पहाड़ी गांवों में रहने वाले लोगों की लंबी उम्र और फिटनेस का राज सिर्फ उनकी कड़ी मेहनत नहीं, बल्कि हवा में भी छिपा है। अब आप सोच रहें होंगे की आखिर ये कैसे संभव है? असल में हम पहाड़ों पर सांस फूलने या ऑक्सीजन की कमी को खतरा मानते हैं, लेकिन वैज्ञानिकों ने इसे डायबिटीज के खिलाफ संजीवनी बताया है।

वैज्ञानिक जर्नल 'नेचर कम्युनिकेशंस' (Nature Communications) के अनुसार पहाड़ों की 'पतली हवा' यानी कम ऑक्सीजन, शरीर के मेटाबॉलिज्म को रीसेट कर देती है।शोधकर्ताओं का कहना है कि ऊंचाई पर मौजूद कम ऑक्सीजन वाला वातावरण शरीर की कोशिकाओं को प्रशिक्षित कर देता है ताकि वे खून में मौजूद शुगर को तेजी से जलाएं। आइए जानते है की क्या कहती है ये नई रिसर्च?

1.क्या सच में ऑक्सीजन से बदलता है मेटाबॉलिज्म?(HIF Protein Diabetes)

शोधकर्ता डॉ. केविन मोंक के नेतृत्व में हुई इस स्टडी में पाया गया कि जब हमारे शरीर में ऑक्सीजन की कमी (Hypoxia) होती है, तो शरीर HIF (Hypoxia-Inducible Factor) नामक एक प्रोटीन बनाता है। यह प्रोटीन शुगर को ऊर्जा में बदलने की क्रिया को बढ़ा देता है। यही कारण है कि पहाड़ों पर रहने वालों का शुगर लेवल कभी भी बहुत ज्यादा नहीं बढ़ता है। लेकिन इसका मतलब ये बिलकुल न समझे की सब पहाड़ों पर चले जाएं की वहां जाने से शुगर लेवल नहीं बढ़ेगा।

2. पहाड़ों की मेहनत या पहाड़ों की हवा?(High Altitude Living)

ये बात तो बिलकुल सही है कि पहाड़ी लोग शारीरिक श्रम अधिक करते हैं, लेकिन ये कहना गलत है कि इसलिए वे फिट रहते हैं। रिसर्च का चौंकाने वाला हिस्सा है कि केवल वातावरण (Environment) ही 50% से अधिक प्रभाव डालता है। अगर आप पहाड़ों पर सिर्फ आराम भी कर रहे हैं, तब भी वहां का कम वायुमंडलीय दबाव आपके इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करता है और शरीर के वजन को नियंत्रित रखने में मदद करता है।

3. कृत्रिम पहाड़ों में मरीजों का इलाज?

वैज्ञानिक अब ऐसे हाइपोक्सिक चैंबर विकसित करने पर विचार कर रहे हैं, जहां मैदानी इलाकों के मरीजों को कुछ घंटों के लिए रखा जा सके। इससे बिना पहाड़ों पर गए मरीज के शरीर को वही लाभ मिल सकेगा जो किसी पहाड़ी इलाके में मिलता है। यह भविष्य में डायबिटीज के इलाज का आधार बन सकता है।

4.ऊंचाई पर जाने से पहले ये जान लें?(Mountain Air Health)

हृदय रोगियों के लिए अचानक ऊंचाई पर जाना जोखिम भरा हो सकता है। डायबिटीज के मरीजों को भी सलाह दी जाती है कि वे ऊंचाई वाले स्थानों पर जाने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें, क्योंकि वहां शुगर लेवल तेजी से गिर सकता है (Hypoglycemia), जिससे चक्कर आने जैसी समस्या हो सकती है।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।