Pakadua Biyah Bihar: पकड़ुआ बियाह क्या है: आज के इस लेख में आइए जानते हैं बिहार में होने वाले 'पकड़ुआ बियाह' के बारे में विस्तार से, जिस पर बॉलीवुड में फिल्में भी बन चुकी हैं।
Pakadua Biyah Bihar: सोशल मीडिया या न्यूज में आपने कभी ना कभी पकड़ुआ बियाह (Pakadua Biyah) के बारे में जरूर सुना होगा। जिसमें लड़के को पकड़ कर जबरदस्ती शादी करा दी गई, यह बताया जा रहा होगा। ऐसे में जो लोग बिहार और पूर्वांचल के नहीं हैं, उन्हें यह सुनने में बेहद अजीब लगता होगा कि एक तरफ जहां लोग 21वीं सदी में जी रहे हैं और चांद पर पहुंचने की बातें कर रहे हैं, वहीं कुछ इलाकों में आज भी लड़कों को किडनैप करके उनकी जबरदस्ती शादी करा दी जाती है।
पहली बार सुनने में यह शादी किसी फिल्मी कहानी जैसा लग सकती है, लेकिन ये सच है और इस पर जबरिया जोड़ी जैसी फिल्म और भाग्यविधाता जैसे सीरियल भी बन चुके हैं। आइए आज के इस लेख में जानते हैं कि क्या है ये पकड़ुआ बियाह और ये क्यों होता है।
शादी के इस तरीके के बारे में आसान भाषा में कहें तो, जब किसी शादी लायक लड़के को जबरन उठा लिया जाए यानी उसे उसके घर वालों को बिना बताए किडनैप कर लिया जाए और उसकी मर्जी के बिना, डरा-धमका कर किसी लड़की से शादी करा दी जाए, तो इसे पकड़ुआ बियाह (Pakadua Biyah) कहते हैं। इसमें लड़के को भागने का मौका नहीं दिया जाता और अगर वह कोशिश करता है तो हथियार दिखाकर उसे डराया जाता है। अगर वह विरोध करे तो उसकी पिटाई भी कर दी जाती है।
शादी के इस रिवाज की शुरुआत लोगों के अनुसार बिहार के बेगूसराय जिले (Pakadwa Vivah in bihar) से हुई थी। धीरे-धीरे यह पटना के मोकामा, बाढ़ और बख्तियारपुर जैसे इलाकों में भी फैल गया। 90 के दशक में इस शादी का इतना खौफ था कि अगर किसी लड़के की सरकारी नौकरी लग जाती थी, तो उसके घर वाले उसे बाहर अकेले नहीं निकलने देते थे। नौकरी की बात भी गुप्त रखी जाती थी ताकि दबंगों की नजर उस पर न पड़े।
जानकर हैरानी होगी कि कुछ दबंग लोगों ने इसे एक बिजनेस बना लिया। अगर किसी पिता के पास अपनी बेटी की शादी के लिए दहेज के पैसे नहीं होते, तो वह इन दबंगों के पास जाता है। यहां एक डील होती है जहां दबंग लड़के की प्रोफाइल के हिसाब से फीस मांगते हैं। वे लड़के को किडनैप करते हैं और शादी करा देते हैं। इससे लड़की के पिता के के पैसे भी बच जाते है और उसे मनचाहा दूल्हा भी मिल जाता है।
पकड़ुआ बियाह की सबसे बड़ी वजह दहेज प्रथा है। बिहार में अमीर और पढ़े-लिखे दूल्हे की डिमांड बहुत रहती है। जिन गरीब परिवारों में ज्यादा बेटियां होती थीं और पिता के पास दहेज देने की हैसियत नहीं होती थी, वे अपनी बेटी का भविष्य सुरक्षित करने के लिए इस रास्ते को चुनते थे।