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पहाड़ों पर बिजली गिरने से पहले मिलते हैं ये 5 संकेत, नजरअंदाज किया तो जा सकती है जान!

Raining Weather safety guide: क्या आप पहाड़ों पर ट्रेकिंग करने का प्लान बना रहे हैं? तो हमारी आज की यह स्टोरी आपके काम आ सकती है। आज के इस लेख में हम ट्रेकिंग के दौरान बिजली गिरने से बचने के कुछ टिप्स और ट्रिक्स बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपनी यात्रा को सुरक्षित बना सकते हैं।

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How To Survive Lightning Strike

How To Survive Lightning Strike| image credit gemini

How To Survive Lightning Strike: आजकल मौसम काफी तेजी से बदल रहा है। कभी चिलचिलाती धूप हो जाती है, तो कभी कड़कड़ाती बिजली के साथ तेज बारिश होने लगती है। ऐसे में बच्चों की गर्मियों की छुट्टियां होने या सुहावने मौसम की वजह से बहुत से लोग पहाड़ों पर समर ट्रिप या ट्रेकिंग का प्लान बना रहे हैं। लेकिन ऐसे मौसम में पहाड़ों पर जाना जितना रोमांचक है, उतना ही खतरनाक भी हो सकता है। अगर आप भी कहीं घूमने जा रहे हैं, तो आपको आयोनाइजेशन (Ionization) के बारे में जानना जरूरी है।

कोरोना डिस्चार्ज और बिजली का खतरा (Understand Corona Discharge and Lightning Risk)

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर drflying.in (Doctor Flying) ने एक वीडियो शेयर कर इस खतरे के बारे में जागरूक किया है।उन्होंने बताया कि बारिश के समय बादलों और जमीन के बीच एक पावरफुल इलेक्ट्रिक चार्ज बन जाता है। ऐसे में पहाड़ों जैसी ऊंची जगहों पर मौजूद लोग एक कंडक्टर की तरह काम करने लगते हैं, जिससे बिजली गिरने का खतरा (Corona Discharge की वजह से) बढ़ जाता है। बिजली गिरने से ठीक पहले हवा में एक करंट जैसा अहसास होता है जिसे आयोनाइजेशन कहते हैं। यह इस बात का संकेत है कि बिजली आपके ऊपर या आस-पास गिरने वाली है।

इससे बचने के लिए आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए-

खतरे के शुरुआती लक्षण (Identify the Early Warning Signs)

जब हवा में बिजली का दबाव (Static Electricity) बढ़ जाता है, तो आपका शरीर कुछ खास संकेत देने लगता है। आपके सिर या हाथ के बाल अचानक खड़े हो सकते हैं, जैसे आपको करंट लग रहा हो। त्वचा पर झुनझुनी महसूस होना, मुंह में धातु स्वाद आना और आपके चश्मे या ट्रेकिंग पोल से भिनभिनाने  की आवाज आना इसके बड़े लक्षण हैं। कभी-कभी अंधेरे में हल्की नीली चमक भी दिख सकती है। अगर ऐसा कुछ भी महसूस हो, तो समझ जाएं कि अब वहां रुकना जानलेवा हो सकता है।

पंजों के बल बैठें (Crouch Down on Your Toes)

जैसे ही आपको ये लक्षण महसूस हों, बिना देर किए तुरंत जमीन पर बैठ जाएं। बैठने का सही तरीका यह है कि अपने दोनों पैरों को आपस में जोड़ लें और पंजों के बल बैठें। जमीन पर लेटने की गलती न करें, क्योंकि लेटने से बिजली का झटका लगने का खतरा और बढ़ जाता है। पंजों के बल बैठने से आपके शरीर का जमीन के साथ संपर्क कम से कम रहता है, जो आपको सुरक्षित रख सकता है।

मेटल की चीजों को दूर फेंकें (Keep Metal Objects at a Distance)

बिजली लोहे या मेटल की चीजों की तरफ बहुत तेजी से खिंचती है। अगर आपके बैग में लोहे का फ्रेम है, हाथ में ट्रेकिंग स्टिक है या छाता है, तो उसे तुरंत अपने से कम से कम 100 फीट दूर फेंक दें। इस समय सामान बचाने की कोशिश आपकी जान पर भारी पड़ सकती है। 

दूरी बनाएं और नीचे की ओर भागें (Spread Out and Move to Lower Ground)

अगर आप दोस्तों के साथ ग्रुप में हैं, तो एक जगह झुंड बनाकर बिल्कुल न खड़े हों। एक-दूसरे से काफी दूरी बना लें ताकि खतरा कम हो सके। इसके अलावा, अगर आप पहाड़ की चोटी पर हैं, तो बिना समय गंवाए तुरंत नीचे की तरफ भागें। ऊंची जगहों पर बिजली गिरने का खतरा सबसे ज्यादा होता है।

वीडियो बनाने का रिस्क न लें (Do Not Record Videos or Use Your Phone)

अक्सर लोग ऐसे डरावने और रोमांचक पल को कैमरे में कैद करने की कोशिश करते हैं, जो बहुत खतरनाक है। मोबाइल के सिग्नल और उसका इस्तेमाल उस समय बिजली को बुलावा दे सकता है। फोन को तुरंत बंद कर दें या अपने से दूर रखें और अपना पूरा ध्यान वहां से सुरक्षित निकलने में लगाएं।