Prateek Yadav Death: अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव को लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रतीक यादव के निधन के बाद परिवार में उनकी पत्नी अपर्णा और दो बेटियां पीछे रह गई हैं।
Prateek Yadav Aparna Yadav: समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे प्रतीक यादव का बुधवार सुबह निधन हो गया। अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एक बड़े राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद प्रतीक ने कभी सियासत में कदम नहीं रखा। ऐसे में आइए जानते हैं प्रतीक यादव के परिवार में कौन-कौन हैं और उनकी पत्नी अपर्णा यादव क्या करती हैं।
प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव का जन्म 5 फरवरी 1990 को लखनऊ में हुआ। उनके पिता अरविंद सिंह बिष्ट पत्रकार थे और मां अंबी बिष्ट लखनऊ नगर निगम में अधिकारी रहीं। समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान उनके पिता को सूचना आयुक्त बनाया गया था। अपर्णा की शुरुआती पढ़ाई लखनऊ के लोरेटो कॉन्वेंट से हुई, जिसके बाद उन्होंने मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी, ब्रिटेन से इंटरनेशनल रिलेशन और पॉलिटिक्स में मास्टर डिग्री हासिल की।
अपर्णा एक शिक्षित राजनीतिज्ञ होने के साथ-साथ एक प्रशिक्षित शास्त्रीय गायिका भी हैं। उन्होंने भातखंडे संगीत विश्वविद्यालय से 9 वर्षों तक शास्त्रीय संगीत की प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली है। वो ठुमरी शैली में पारंगत मानी जाती हैं और एक शास्त्रीय गायक के तौर पर कई मौकों पर उनकी सराहना भी हुई है।
प्रतीक और अपर्णा की प्रेम कहानी स्कूल के दिनों से शुरू हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रतीक ने महज 12 साल की उम्र में अपर्णा को ईमेल के जरिए प्रपोज किया था। लंबे समय की दोस्ती और रिश्ते के बाद साल 2011 में दोनों की सगाई हुई और इसी साल दिसंबर में मुलायम सिंह यादव के पैतृक गांव सैफई में दोनों की भव्य शादी हुई। इस शादी में अमिताभ बच्चन जैसी बड़ी फिल्मी और राजनीतिक हस्तियां शामिल हुई थीं। प्रतीक और अपर्णा की दो बेटियां हैं, जिनका नाम प्रथमा यादव और प्रतीक्षा यादव है।
यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव अपनी शादी के कुछ सालों बाद तलाक की खबरों को लेकर सुर्खियों में आए थे। प्रतीक यादव ने एक बार इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था कि अपर्णा ने उनके हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। हालांकि, कुछ समय बाद ही प्रतीक यादव ने अपनी उस पोस्ट को डिलीट कर दिया था और एक छोटा संदेश "All is Good" (सब ठीक है) लिखकर इन खबरों पर विराम लगा दिया था।
परिवार की राजनीतिक विरासत के उलट अपर्णा यादव के विचार अक्सर अलग रहे हैं। वह सपा में रहते हुए भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की नीतियों की तारीफ करती नजर आती हैं। उन्होंने 2017 में विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन 2022 के उत्तर प्रदेश चुनाव से ठीक पहले उन्होंने समाजवादी पार्टी छोड़ दी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गईं।