Premature Grey Hair: अगर आपके बाल जल्दी सफेद हो रहे हैं, तो यह शरीर में किसी आंतरिक समस्या का संकेत हो सकता है। इन 5 बीमारियों के बारे में जानना बेहद जरूरी है।
Premature Grey Hair: बालों का सफेद होना उम्र बढ़ने का एक सामान्य संकेत माना जाता है, लेकिन आजकल की मॉडर्न लाइफस्टाइल में यह सिर्फ बुढ़ापे की निशानी नहीं रह गया है। अब 25-30 साल के युवा भी जल्दी सफेद बालों की समस्या का सामना कर रहे हैं। अगर आपके बाल जल्दी सफेद हो रहे हैं, तो यह शरीर में किसी आंतरिक समस्या का संकेत हो सकता है। इन 5 बीमारियों के बारे में जानना बेहद जरूरी है, जिनकी वजह से बाल समय से पहले सफेद हो सकते हैं। आइए जानते हैं इन कारणों के उपायों के बारे में।
अगर किसी के बाल जल्दी सफेद होने लगें, तो यह थायरॉयड ग्रंथि में असंतुलन का संकेत हो सकता है। थायरॉयड हार्मोन शरीर की कई प्रक्रियाओं को नियंत्रित करता है जिनमें बालों की ग्रोथ और रंग भी शामिल हैं।हाइपोथायरॉयडिज्म की स्थिति में मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है, जिससे बाल बेजान, पतले और सफेद दिखने लगते हैं।
कुछ ऑटोइम्यून रोगों में शरीर की इम्यून सिस्टम खुद अपनी कोशिकाओं पर हमला करने लगती है।विटिलिगो जैसी बीमारियों में स्किन और बालों में मेलानिन सेल्स खत्म होने लगते हैं, जिससे सफेद धब्बे और सफेद बाल नजर आने लगते हैं।
विटामिन B12 और आयरन बालों की जड़ों तक पोषण और ऑक्सीजन पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इनकी कमी से हेयर फॉलिकल्स को ऑक्सीजन नहीं मिलती, जिससे बालों का रंग उड़ने लगता है। विटामिन B6, D3, कॉपर, जिंक और आयरन की कमी मेलानिन के उत्पादन को रोकती है, इसलिए शैम्पू या तेल बदलने के बजाय ब्लड टेस्ट करवाकर विटामिन और मिनरल लेवल की जांच जरूरी है।
सिगरेट पीना सिर्फ फेफड़ों को ही नहीं, बल्कि बालों के रंग को भी नुकसान पहुंचाता है। स्मोकिंग से शरीर में फ्री रेडिकल्स बढ़ते हैं, जो कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव डैमेज देते हैं। स्मोकिंग करने वालों में समय से पहले सफेद बालों की संभावना चार गुना तक बढ़ जाती है। यह न सिर्फ मेलानिन को प्रभावित करता है बल्कि बालों की जड़ों में ब्लड सर्कुलेशन भी कम करता है, जिससे बाल रूखे, कमजोर और पतले हो जाते हैं।
लगातार स्ट्रेस में रहना भी समय से पहले सफेद बालों की बड़ी वजह है। शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन के बढ़ने से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ जाता है, जिससे हेयर फॉलिकल्स कमजोर हो जाते हैं और मेलानिन बनना रुक जाता है।
अपने डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, नट्स, दालें, अंडे, दूध, बीज और फल को जरूर शामिल करें। फास्ट फूड, ज्यादा चाय, कॉफी और शुगर से बचें। रोजाना कम से कम 7 घंटे की नींद लें और स्ट्रेस को कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करें।कॉपर, जिंक, सेलेनियम और आयरन जैसे मिनरल्स का संतुलन बनाए रखें। नियमित रूप से ब्लड टेस्ट करवाएं ।