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Rajasthani Food Beyond Dal Baati: सिर्फ दाल-बाटी ही नहीं, राजस्थान की इस सब्जी को कहते हैं रेगिस्तान का असली मेवा, जानें क्या है ये?

Rajasthani Food Beyond Dal Baati: राजस्थान का खाना सिर्फ दाल-बाटी तक सीमित नहीं है। यहां के रेगिस्तान में छिपे हैं सफेद मांस और केर सांगरी जैसे शाही जायके। जानिए इन पारंपरिक डिशेज के बारे में।
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Updated: 27 Mar 2026, 6:04 PM IST
Rajasthani Food Beyond Dal Baati
make ker sangri (source: gemini)

Rajasthani Food Beyond Dal Baati: जब भी राजस्थान के खाने का नाम आता है, तो हम सबके दिमाग में सबसे पहले दाल-बाटी-चूरमा ही आता है। लेकिन राजस्थान की असली रसोई इससे कहीं ज्यादा बड़ी और चटखारेदार है। रेगिस्तान की इस तपती रेत और कंटीली झाड़ियों के बीच यहां के लोगों ने स्वाद का ऐसा जादू रचा है, जो बड़े-बड़े शेफ की डिशेज को भी फेल कर देता है। आज हम आपको दाल-बाटी से हटकर उन पकवानों के बारे में बताएंगे, जिनका नाम सुनते ही आपके मुंह में पानी आ जाएगा।

रेगिस्तान की केर सांगरी

रेगिस्तान में जहां दूर-दूर तक हरियाली नहीं दिखती, वहां केर और सांगरी कुदरत के किसी वरदान से कम नहीं हैं। खेजड़ी के पेड़ की लंबी फलियां (सांगरी) और छोटे गोल फल (केर) को सुखाकर यह सब्जी बनाई जाती है। इसे दही और राजस्थानी मसालों के साथ पकाया जाता है। खास बात ये है कि यह सब्जी हफ्तों तक खराब नहीं होती। इसका खट्टा-तीखा स्वाद इतना लाजवाब होता है कि इसके आगे बाकी सब वेस्टर्न सब्जियां फेल है।

राजस्थान में सफेद मांस के दीवाने

आपने लाल मांस के बारे में तो बहुत सुना होगा, लेकिन क्या कभी सफेद मांस ट्राई किया है? यह राजस्थान की बहुत ही रॉयल डिश है। जहां लाल मांस तीखा और चटपटा होता है, वहीं सफेद मांस एकदम मखमली और शाही होता है। इसे काजू, बादाम, क्रीम और दही की ग्रेवी में धीमी आंच पर पकाया जाता है। इसमें मिर्ची बहुत कम होती है और स्वाद में थोड़ी मिठास होती है। जो लोग तीखा नहीं खाते, उनके लिए ये सबसे बेस्ट है।

शिकार से शुरू हुआ लाल मांस

लाल मांस का इतिहास राजा-महाराजाओं के शिकार से जुड़ा है। पुराने समय में जब राजा जंगल में शिकार पर जाते थे, तो वहां साथ में ज्यादा मसाले नहीं ले जा सकते थे। तब लाल मिर्च, लहसुन और दही के साथ शिकार किए गए मांस को पकाया जाता था। मिर्च का इस्तेमाल इसलिए ज्यादा होता था ताकि मांस की स्मेल कम हो सके। आज भी इसे असली घी में पकाने की परंपरा है, जिसका रंग देखते ही भूख लगने लगती है।

गट्टे की सब्जी और लापसी का मीठा तड़का

बेसन के छोटे-छोटे गट्टों को जब दही वाली ग्रेवी में डुबाया जाता है, तो बनती है गट्टे की सब्जी। यह हर राजस्थानी घर की पहली पसंद है। वहीं मीठे में यहां की लापसी का कोई जवाब नहीं। गेहूं के दलिये, गुड़ और ढेर सारे घी से बनी लापसी न केवल स्वाद में नंबर वन है, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत अच्छी मानी जाती है।

मसालों के स्वाद से ही बनता है यहां खाना

राजस्थान के खाने में असली जान यहां के मसाले डालते हैं। सूखी लाल मिर्च, मांस को गलाने वाला कचरी पाउडर और ताजी कुटी हुई हल्दी, ये सब मिलकर खाने को एक ऐसा फ्लेवर देते हैं जो आपको और कहीं नहीं मिलेगा। यहां का खाना सादा जरूर है, लेकिन इसका हर निवाला शाही एहसास कराता है।

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27 Mar 2026, 6:04 PM IST
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